नई दिल्ली। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ 2021 के आर्यन खान ड्रग मामले में उनकी कथित भूमिका के संबंध में अनुशासनात्मक जांच आगे बढ़ाने से अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
कैट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और प्रशासनिक सदस्य राजिंदर कश्यप की पीठ ने कहा कि आरोप मुख्य रूप से बॉम्बे उच्च न्यायालय के समक्ष पहले से रखे गए दस्तावेजों और सामग्री पर आधारित थे, जिसने संबंधित कार्यवाही में वानखेड़े को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है।
न्यायाधिकरण ने कहा कि चूंकि मामला पहले से ही उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस स्तर पर आगे विभागीय कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती।
राजस्व विभाग को नोटिस जारी करते हुए न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक जांच पर कोई और कार्रवाई न की जाए। अब यह मामला 14 अक्टूबर, 2025 को सूचीबद्ध होगा।
गौरतलब है कि राजस्व विभाग ने गत 18 अगस्त को एक नया आरोप पत्र जारी किया था, जिसमें वानखेड़े पर एजेंसी से अलग होने के बावजूद जून 2022 में एनसीबी के विभागीय कानूनी सलाहकार से अनुचित तरीके से गोपनीय जानकारी मांगने और जांच को पूर्व-निर्धारित निष्कर्ष की ओर प्रभावित करने के लिए आश्वासन लेने का आरोप लगाया गया था।