कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अंतरजातीय विवाह करने वाली एक गर्भवती युवती के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म तथा जबरन गर्भपात कराने के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, खड़गवां थाना क्षेत्र निवासी गोंड समाज की एक युवती ने कुछ माह पूर्व दूसरे समाज के युवक से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद युवती के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवती ने अपनी मर्जी से विवाह कर लिया है। इसके बाद परिजनों ने शिकायत वापस लेते हुए विवाह पर सहमति भी दे दी थी लेकिन बाद में समाज के दबाव में उनका रुख बदल गया।
आरोप है कि युवती के माता-पिता तथा गोंड समाज के कुछ लोग उसके ससुराल पहुंचे। उस समय उसका पति काम पर गया हुआ था। परिजनों ने ससुराल पक्ष के विरोध के बावजूद युवती को जबरन अपने साथ ले लिया और बाद में उसे समाज प्रमुख बताए जा रहे रमेश टेकाम तथा उसके जीजा दरोगा सिंह के हवाले कर दिया।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रमेश टेकाम उसे सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर स्थित अपने घर ले गया, जहां उसने अपने जीजा दरोगा सिंह के साथ मिलकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार आरोपियों को जब यह पता चला कि युवती पांच महीने की गर्भवती है, तब पांच जुलाई को उसे मेडिकल स्टोर से गर्भपात की दवा लाने के लिए भेजा गया।
इसी दौरान युवती ने मेडिकल स्टोर से अपने पति को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसका पति बैकुंठपुर कोतवाली पहुंचा और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को चांदनी बिहारपुर स्थित आरोपी के घर से बरामद किया।
इसके बाद पीड़िता ने अपने पति के साथ बैकुंठपुर कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें रमेश टेकाम और दरोगा सिंह पर कई बार दुष्कर्म करने तथा जबरन गर्भपात कराने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 19 जुलाई को सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र से दोनों आरोपियों रमेश टेकाम और दरोगा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

