सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

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नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा और सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद शनिवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया।

राजधानी में आज केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के बीच चली लंबी बातचीत के बाद दोनों ओर से एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मांगों पर सहमति की घोषणा की गयी। इसी मंच से सीजेपी के दोनों प्रतिनिधियों ने तत्काल प्रभाव से आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।

सौरव दास ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दे दिया है। इसलिए हमारी पहली मांग पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली और भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित राज्यों में इस मुद्दे पर आंदोलन चला रहे विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियां वापस लेने की मांग भी मान ली है और भविष्य में भी इस प्रदर्शन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है। सरकार ने इस मामले पर मंगलवार तक लिखित गारंटी देने का वादा किया है।

नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये के मुआवजे के मांग के संबंध में नड्डा ने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवाओं के प्रति सहानुभूति रखते हैं। जिन बच्चों की मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को नियम के अनुसार अधिकतम मुआवजा दिया जाएगा।

नड्डा ने कहा कि सीजेपी ने शिक्षा-परीक्षा में सुधार के संबंध में मांगों का जो चार्टर दिया है, उप पर सरकार विचार करेगी। इस पर सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ चार सफ्तार बाद बैठक की जाएगी।

नड्डा ने कहा कि सरकार ने सीजेपी के मांगों को सहानुभूति पूर्वक माना है। निवेदन है कि आप लोग आंदोलन को वापस लें और हम शांति पूर्वक मिलकर आगे बढ़ें। नड्डा के अपील पर सीजेपी के दोनों प्रतिनिधियों ने तत्काल प्रभाव से आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी।

जश्न में डूबे जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्र

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और जैसे ही यह सूचना जंतर-मंतर पर पहुंची तो वहां जश्न का माहौल बन गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी विद्यार्थी खुशी से झूमने लगे।

पिछले 36 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने प्रधान के इस्तीफे के फैसले का उत्साह के साथ स्वागत किया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने मिट्ठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाइयां दीं।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थी फिल्म चक दे इंडिया के गीत कुछ करिए, कुछ करिए नस-नस मेरी खोले, हाय कुछ करिए….चक दे इंडिया गाने की धुन पर थिरकने लगे। इसके बाद वंदे मातरम गीत बजाया गया। जश्न के दौरान मंच से बार-बार विद्यार्थियों से शांति बनाये रखने की अपील की गयी। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित सहित कई अन्य सांसद वहां पर नजर आए।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने प्रधान के इस्तीफे को देशभर में आंदोलन कर रहे छात्रों की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार ने जिम्मेदारी ली और यह बहुत ही अच्छी बात है। छात्रों का कहना था कि प्रधान का इस्तीफा होने बहुत खुशी की बात है, लेकिन यह जवाबदेही तय करने का पहला पड़ाव है। हमने सरकार को झुकाया है। अब सरकार को पता रहना चाहिए कि वह जब भी गलत करेगी, हम यहां जवाब मांगने के लिए खड़े रहेंगे।

जंतर मंतर पर मौजूद विद्यार्थियों ने कहा कि आज हम इतना खुश हैं कि बयान नहीं कर सकते। हमें अब अहसास हुआ है कि हमारी आवाज मजबूत है और सुनी जा सकती है। विद्यार्थियों ने कहा कि अब सरकार को समझ में आ जाना चाहिए कि जब-जब कुछ गलत होगा, हम यहीं मिलेंगे, ऐसे ही जंतर मंतर पर सवाल पूछते हुए, पूरे देश में सड़कों पर सवाल पूछते हुए।