कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर फिर उभरा विवाद

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बेंगलूरु। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान एक बार फिर उस समय सामने आ गई जब पार्टी विधायक इकबाल हुसैन ने कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया के बयान पर आपत्ति जताते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद का अवसर देने की मांग दोहराई।

हुसैन ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पुत्र यतींद्र के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस हाईकमान ने सिद्दारमैया को पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहने की अनुमति दे दी है। हुसैन ने कहा कि इस तरह के बयान पार्टी अनुशासन के खिलाफ हैं और नेतृत्व को असहज स्थिति में डालते हैं।

उन्होंने कहा कि हम एक अनुशासित पार्टी हैं और हमें उसी तरह व्यवहार करना चाहिए। बार-बार अपने पिता के समर्थन में बोलना और हाईकमान को असहज करना उचित नहीं है। हुसैन ने यतींद्र को सार्वजनिक बयानबाजी में संयम बरतने की सलाह दी।

हुसैन ने दावा किया कि विधायक दल में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में मजबूत आवाज उठ रही है। उनके अनुसार 80 से 90 कांग्रेस विधायकों ने शिवकुमार के नाम की सिफारिश पार्टी हाईकमान से की है। उन्होंने कहा कि हमने फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया है। 80-90 विधायकों ने अनुरोध किया है कि श्री डीके शिवकुमार को मौका दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई विधायक भ्रम की स्थिति से बचने के लिए सार्वजनिक रूप से चुप हैं, लेकिन निजी तौर पर इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।

हुसैन ने यह भी कहा कि निजी संबंधों का असर राजनीतिक फैसलों पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर पिता अपने बेटे से और हर बेटा अपने पिता से प्रेम करता है, लेकिन राजनीति में अनुशासन जरूरी है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार के गठन के पहले दिन से ही वह शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि शिवकुमार को इसी कार्यकाल में अवसर मिले। कांग्रेस एमएलसी चन्नराजा हत्तिहोली ने भी श्री शिवकुमार को नेतृत्व का मौका दिए जाने का समर्थन किया।

नवंबर 2025 से ही कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें जारी हैं, जब सिद्दारमैया सरकार अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के मध्य बिंदु के करीब पहुंची थी। सिद्दारमैया और शिवकुमार के अलावा गृह मंत्री जी परमेश्वर को भी संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।

पिछले सप्ताह यतींद्र सिद्दारमैया ने कथित तौर पर कहा था कि हाईकमान ने सिद्दारमैया को पूरा कार्यकाल जारी रखने की अनुमति दे दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने कहा था कि वह बयान का सम्मान करते हैं और यदि यतींद्र ने हाईकमान की तरह बात की है, तो उसे उसी रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।

वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के खुलकर बयान देने से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व का सवाल एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है, जिससे सत्तारूढ़ दल के भीतर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती दिख रही है।