देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के तपोवन स्थित विष्णुलोक इलाके में हुए तिहरे हत्याकांड ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 80 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 75 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घरेलू सहायिका तिलया देवी की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वारदात की गंभीरता का पता चला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्लंबर राजकुमार ने कथित तौर पर तीनों पर पेचकस से कुल 34 वार किए।
बुधवार को तीनों शवों का कोरोनेशन अस्पताल में दो चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। प्रत्येक शव के पोस्टमार्टम में करीब दो घंटे का समय लगा और पूरी प्रक्रिया शाम करीब छह बजे पूरी हुई।
रमेश पर 12 और रजनी पर आठ वार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सबसे पहले रमेश कपूर पर हमला किया। उनके पेट, छाती और चेहरे पर पेचकस से 12 वार किए गए। पति पर हमला होते देख उनकी पत्नी रजनी कपूर उन्हें बचाने के लिए आगे आईं। आरोप है कि इसके बाद राजकुमार ने रजनी पर भी हमला कर दिया और उनके पेट व छाती पर आठ गहरे वार किए। पोस्टमार्टम के दौरान सामने आया कि रजनी को लगी चोट इतनी गंभीर थी कि उनके हृदय को भी नुकसान पहुंचा। वहीं रमेश कपूर के पेट के अंदरूनी हिस्सों में भी गंभीर चोटें पाई गईं।
बचाने पहुंची घरेलू सहायिका पर सबसे ज्यादा हमला
घटना के दौरान चीख-पुकार सुनकर आसपास काम करने वाली तिलया देवी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कथित तौर पर आरोपी को रोकने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इसके बाद राजकुमार ने उन पर भी हमला कर दिया।
तिलया के पेट और छाती पर पेचकस से 14 वार किए गए। वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस तरह तीनों मृतकों पर किए गए वारों की संख्या 34 बताई जा रही है। पुलिस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है।
पैसों के विवाद के बाद हत्या का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, राजकुमार छह अक्टूबर को प्लंबिंग के काम के सिलसिले में कपूर परिवार के घर पहुंचा था। उसने वहां करीब दो घंटे तक काम किया। बताया जा रहा है कि रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह घर से बाहर चला गया।
आरोप है कि कुछ समय बाद राजकुमार दोबारा घर पहुंचा और परिवार के साथ फिर से पैसों को लेकर बहस हुई। इसके बाद उसने कथित तौर पर लूटपाट की कोशिश की और तीनों पर हमला कर दिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कुछ दिन पहले भी कपूर परिवार के घर आया था आरोपी
मृतक के बेटे रजत ने बताया कि राजकुमार कुछ दिन पहले भी उनके घर काम करने आया था। उसने मकान की छत पर डैमप्रूफिंग का काम किया था। बारिश के दौरान काम खराब हो जाने के बाद उसे दोबारा काम करना था। इसी सिलसिले में वह छह अक्टूबर को घर आया था। परिवार की ओर से दी गई जानकारी और पुलिस जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी और परिवार के बीच पैसों को लेकर विवाद किस बात पर हुआ था और घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पाकिस्तान से भारत आया था परिवार
इस हत्याकांड ने कपूर परिवार के पुराने संघर्षों को भी सामने ला दिया है। बताया जाता है कि यह परिवार कभी असुरक्षा के माहौल के कारण पाकिस्तान से भारत आया था। आयुध निर्माणी में नौकरी के दौरान रमेश कपूर ने वर्ष 2000 में देहरादून में अपना घर बनाया था और परिवार के साथ यहीं रहने लगे थे। रमेश कपूर वर्ष 2004 में आयुध निर्माणी विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी रजनी कपूर भी शिक्षिका के तौर पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुई थीं।
52 साल का साथ हिंसक घटना में टूटा
रमेश और रजनी कपूर ने वर्ष 1974 में परिवारों की सहमति से विवाह किया था। दोनों ने करीब 52 वर्षों तक साथ जीवन बिताया। परिवार के अनुसार, उम्र के इस पड़ाव पर भी दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे।
घटना के दौरान भी जब रमेश पर हमला हुआ तो रजनी उन्हें बचाने के लिए आगे आईं। लेकिन हमलावर के हमले में दोनों की जान चली गई। इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस आरोपी राजकुमार से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी वजह, कथित लूट की कोशिश और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपित से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।



