मतदान की नहीं पड़ी जरूरत, नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने घोषित किए परिणाम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया निर्विरोध पूरी हो गई। भारतीय जनता पार्टी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित किया गया है। सभी सीटों पर निर्धारित संख्या के बराबर ही उम्मीदवार मैदान में रहने के कारण मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए नए सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई।
भाजपा के आठ उम्मीदवार निर्वाचित
राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए भाजपा उम्मीदवारों में विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, गोपी कृष्ण पांडे, धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
भाजपा के आठ उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन से राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। वहीं, विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों ने भी निर्विरोध जीत दर्ज की।
सपा के रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी निर्विरोध चुने गए
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। दोनों उम्मीदवारों के निर्वाचन के साथ सपा के हिस्से की सीटों पर भी प्रक्रिया पूरी हो गई।
क्यों नहीं हुआ मतदान?
राज्यसभा की इन 10 सीटों के लिए उम्मीदवारों की अंतिम संख्या सीटों की संख्या के बराबर रही। किसी भी सीट पर अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं होने के कारण चुनावी मुकाबले की स्थिति नहीं बनी। ऐसे में निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।



