नासिक/सोलापुर। महाराष्ट्र में कथित बाबा अशोक खरात से जुड़ा विवाद और गहरा गया है तथा जांच की नई मांग के बीच दो और राजनीतिक हस्तियां संदेह के घेरे में आ गई हैं।
इस मामले में पहले से ही महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के राजनीतिक करियर को खतरे में है वहीं अब नासिक के पूर्व सांसद हेमंत गोडसे और सांगोला के पूर्व विधायक दीपक सोलुंके पाटिल की ओर ध्यान खींच रहा है।
दरअसल एक वीडियो सामने आया है जिसमें गोडसे कथित तौर पर खरात से भविष्यवाणियां करवाते हुए और हथेली दिखाकर मार्गदर्शन मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने बुधवार को आरोप लगाया कि गोडसे ने लोकसभा चुनाव का टिकट पाने के लिए खरात से संपर्क किया था। अंधविश्वास विरोधी समिति ने पुलिस की विशेष जांच टीम से गोडसे से पूछताछ करने का आग्रह किया है, उन पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा, सोलुंके पाटिल पर भी खरात के साथ वित्तीय संबंधों के आरोप हैं। उन्होंने हालांकि पहले किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया और दावा किया कि वे बाबा को नहीं जानते, लेकिन एक तस्वीर जिसमें वह कथित तौर पर रूपाली चाकणकर के साथ खरात को वीणा और तुलसी की माला पहनाते हुए दिख रहे हैं, जिससे और भी सवाल खड़े हो गए है। इन घटनाक्रमों ने सोलापुर जिले में राजनीतिक हलचल मचा दी है और मामले की व्यापक जांच की मांग बढ़ रही है।
अशोक खरात 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में
नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। खरात को आज नासिक जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश बी.एन. इचपुरानी की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
अशोक खरात के खिलाफ यौन शोषण और धोखाधड़ी के लिए 10 प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं और फोन पर उसके खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गयी हैं। फिलहाल एसआईटी उससे संबंधित मामलों की जांच कर रही है।
एसआईटी ने आज ही उसके बेटे हर्षवर्धन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।



