गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम डीजे पर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से छू गई। इससे डीजे और उसके आसपास मौजूद लोगों में करंट फैल गया। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं सहित आठ अन्य लोग झुलस गए। मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। उधर, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल कॉलेज के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया। देर शाम तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
DJ की लोहे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई
जानकारी के अनुसार, जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार शाम करीब पांच बजे ग्रामीण प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस के रूप में कोलुहा घाट की ओर रवाना हुए थे। जुलूस जब गांव के बाहर रजही चौराहे पर रामानंद के घर के पास पहुंचा, तभी डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई।
लोहे की रेलिंग में करंट उतरते ही डीजे और प्रतिमा के आसपास मौजूद लोगों को बिजली का तेज झटका लगा। अचानक हुए हादसे से जुलूस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
दो सगे भाइयों की भी गई जान
हादसे में जान गंवाने वालों में चंदन पुत्र केदारनाथ तथा शिव चौहान के पुत्र विक्की और लक्की शामिल बताए गए हैं। विक्की और लक्की सगे भाई थे। एक ही परिवार के दो बेटों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु के घायल होने की जानकारी सामने आई। शुरुआती विवरण में कुल 11 लोगों के करंट की चपेट में आने की बात कही गई है। घायलों का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, सड़क पर उतरे ग्रामीण
हादसे के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विसर्जन जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद लाइन में करंट दौड़ गया। इस मुद्दे पर प्रशासन से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। घटना के बाद परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगाकर विरोध जताया।
डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे
सूचना मिलने पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों के उपचार की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। हादसे को लेकर बिजली आपूर्ति बंद किए जाने और दोबारा चालू होने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठे हैं। मामले की जांच के बीच प्रशासनिक कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं।
हादसे ने उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
धार्मिक जुलूसों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान ऊंचे डीजे सेटअप, लोहे की रेलिंग और ट्रॉली पर लगी लंबी छड़ों का हाईटेंशन तारों के संपर्क में आना गंभीर खतरा पैदा करता है। गोरखपुर की इस घटना ने बिजली आपूर्ति के समन्वय, जुलूस के मार्ग की सुरक्षा जांच और ऊंचे वाहनों को बिजली की लाइनों के नीचे से निकालने के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
त्योहार के दौरान हुए इस हादसे से जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में शोक का माहौल है। तीन युवकों की मौत और कई लोगों के घायल होने से खुशियों का अवसर मातम में बदल गया। अब पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारी तय करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।



