ध्वजा यात्रा के साथ हुआ मेले का शुभारंभ
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर के समीपवर्ती डूंगरिया खुर्द रैवत गांव में शारदीय नवरात्र की सप्तमी के अवसर पर मंशापूर्ण बांया सा महामाई धाम में पहली बार भव्य मेले का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और ग्रामीण संस्कृति से जुड़े इस आयोजन में डूंगरिया खुर्द सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन धाम परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा।
मेले की शुरुआत डूंगरिया बस स्टैंड से निकली ध्वजा यात्रा के साथ हुई। दोपहर करीब 11 बजे गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु ध्वजा लेकर मंशापूर्ण बांया सा धाम के लिए रवाना हुए। करीब 12 बजे ध्वजा यात्रा धाम पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद माता के मंदिर पर ध्वजा चढ़ाई गई।
जोगणियाधाम पुष्कर के संस्थापक एवं ज्योतिषाचार्य भंवरलाल मेघवंशी की अगुवाई में मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। ध्वजा चढ़ाने के साथ ही वर्ष के पहले मेले का औपचारिक शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
भजन-गीत और नृत्य ने बांधा समां
मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। राजस्थान के लोक कलाकारों ने पारंपरिक भजनों, गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां देकर ग्रामीणों का मनोरंजन किया। लोक संस्कृति की इन प्रस्तुतियों पर दर्शक देर तक तालियां बजाते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान हास्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को खूब हंसाया। कलाकारों की मनोरंजक प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को और जीवंत बना दिया।
कबड्डी और कुर्सी रेस में दिखा उत्साह
मेले में मनोरंजन के साथ खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता और कुर्सी रेस में बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान मैदान पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।
मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
मेले के दौरान गांव के प्रतिभावान और मेधावी छात्र-छात्राओं को भी मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से विद्यार्थियों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और इसे युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला कदम बताया।
झूले और खान-पान के स्टॉल रहे आकर्षण
मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए थे। वहीं चाट-पकौड़ी, गोलगप्पे, आइसक्रीम सहित कई तरह के खान-पान के स्टॉल भी लगाए गए। बच्चों ने मेले में खिलौनों की जमकर खरीदारी की। मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते धाम और आसपास के क्षेत्र में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। ग्रामीणों ने धार्मिक आयोजनों में भाग लेने के साथ मेले में लगे मनोरंजन और खान-पान के स्टॉल का भी आनंद लिया।
ग्रामीणों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
आयोजन को सफल बनाने में डूंगरिया गांव के नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए मेले को व्यवस्थित और भव्य रूप देने में योगदान दिया। पहली बार आयोजित हुए इस मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।




