अजमेर/नसीराबाद। बुबानिया, धोला दाता, भोम जी का बाडिया, देव जी का बाडिया के ग्रामीणों ने बुबानिया को नवीन ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने व नगर पालिका से हटाने की मांग को लेकर नसीराबाद उपखंड अधिकारी व जिला कलेक्टर को अलग अलग ज्ञापन सौंपे।
नांदला के पूर्व सरपंच मानसिंह रावत ने बताया कि बुबानिया एक राजस्व ग्राम है, जिसमें धोलादांता तथा भोमाजी व देवाजी के बाड़िया शामिल हैं। राज्य सरकार के नवीन ग्राम पंचायत गठन के लिए निर्धारित सभी मापदण्ड बुबानिया पूर्ण करता है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार यह पूरे जिले में जनसंख्या की दृष्टि से प्रथम ग्राम है।
ग्रामीणों ने बताया कि बुबानिया एवं संबंधित बाड़िया नसीराबाद नगर पालिका से लगभग 11–12 किलोमीटर दूर स्थित हैं, जो न्यायसंगत नहीं है। इतनी अधिक दूरी होने के कारण आमजन को प्रशासनिक कार्यों एवं दैनिक आवश्यकताओं के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मुद्दे को पूर्व में उपखंड अधिकारी नसीराबाद, कलेक्टर अजमेर एवं वर्तमान सरकार के विधायक तक भी उठाया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उक्त ग्रामों को नगर पालिका क्षेत्र से बाहर नहीं किया गया तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जनसंख्या, सरकारी संस्थानों एवं अन्य मापदण्ड पूरे होने के बावजूद बुबानिया को ग्राम पंचायत नहीं बनाकर नगर पालिका नसीराबाद में शामिल किए जाने से जनता में भारी असंतोष है।
अंत में ग्रामीणों ने पुनः मांग की कि बुबानिया को नवीन ग्राम पंचायत मुख्यालय घोषित कर संबंधित ग्रामों को नगर पालिका क्षेत्र से बाहर किया जाए। ज्ञापन देने वालों में देवकरण गुर्जर, रामपाल रेगर, देव सिंह, कैलाश, रमेशचंद, बंसी प्रजापत, विष्णु रावत, ओमप्रकाश ररमेश सिंह रावत, देवाराम रावत, देवकरण चौधरी, ओम प्रजापत, आनंद सिंह रावत, शिवराज चौधरी, रामदेव आदि शामिल रहे।



