कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी को मंगलवार को कोलकाता के श्यामबाजार में लोगों के विरोध और ‘चोर-चोर’ के नारों का सामना करना पड़ा।
श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर जब टीएमसी प्रमुख ने माल्यार्पण किया, तब भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने इसमें बनर्जी की भागीदारी पर सवाल उठाते हुए नारे लगाए। भाजपा प्रदर्शकारी चिल्लाते हुए नारे लगाने लगे, जिनके हाथ काले दाग से सने हैं, उन्हें नेताजी पर माल्यार्पण नहीं करना चाहिए। उन्होंने राज्य की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी को निशाना बनाते हुए ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए।
इस घटना से श्यामबाजार के पांच-रास्ते वाले चौराहे के आसपास हंगामा और राजनीतिक तनाव पैदा हो गया। यह कार्यक्रम टीएमसी की कालीघाट इकाई द्वारा आयोजित किया गया था, ताकि भाजपा नेताओं द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और अनादर का विरोध किया जा सके।
बनर्जी ने वरिष्ठ टीएमसी नेताओं सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन के साथ विरोध सभा में भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की तस्वीर हाथ में लेकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।
तृणमूल नेताओं के अनुसार विरोध स्थल के पास अचानक लोगों का एक समूह जमा हो गया और सुश्री बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को भाजपा का समर्थन प्राप्त था और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान करने के लिए जानबूझकर कार्यक्रम में बाधा डाली। गौरतलब है कि श्यामबाजार की यह घटना हलीशहर में हुई इसी तरह की घटना के कुछ ही दिनों बाद हुई है।
बनर्जी को रविवार को एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था। उस कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर’ के नारे लगाए और उनके काफिले को घेर लिया। यह आरोप भी है कि उनकी गाड़ी पर कीचड़ और जूते फेंके गए और उसकी खिड़कियों पर कीचड़ पोत दिया गया।
बनर्जी ने हलीशहर की घटना पर टिप्पणी करते हुए गुस्सा और चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि हमले से गंभीर चोटें आ सकती थीं और आरोप लगाया था कि सुरक्षा देते समय पुलिस निष्क्रिय बनी रही। गौरतलब है कि श्यामबाजार की इस ताजा घटना ने पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।



