नई दिल्ली। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने कंपनियों के निदेशकों को एक बड़ी राहत देते हुए वार्षिक केवाईसी (पहचानों अपने ग्राहक को ) की जगह तीन वर्ष में एक बार संक्षिप्त केवाईसी की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।
मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार नई व्यवस्था 31 मार्च 2026 से लागू होगी। इस मामले में परामर्श और चर्चा का यह निर्णय गैर-वित्तीय विनियामक सुधारों पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। कंपनियों (निदेशकों की नियुक्ति एवं अर्हता) नियम, 2014 के नियम 12क में किए गए संशोधन को बुधवार 31 दिसंबर 2025 को अधिसूचित किया गया।
संशोधित सरल केवाईसी फॉर्म का उपयोग केवाईसी की शर्तों के अनुपालन के साथ-साथ निदेशकों के मोबाइल नंबर, ईमेल पता, आवासीय पता अपडेट करने और निदेशक पहचान संख्या (डिन) को पुनः सक्रिय करने के लिए किया जा सकेगा। नयी व्यवस्था में डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से निदेशक और पेशेवर का सत्यापन केवल तभी आवश्यक होगा जब मोबाइल नंबर, ईमेल या आवासीय पते में बदलाव किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार जिन निदेशकों ने अब तक अपना केवाईसी पूरा कर लिया है, उन्हें नयी व्यवस्था के तहत अगला केवाईसी 30 जून 2028 तक ही दाखिल करना होगा। जिन निदेशकों ने अब तक केवाईसी फार्म जमा नहीं किये हैं, वे 31 मार्च 2026 तक मौजूदा प्रावधानों के तहत अपने डिन को पुनः सक्रिय करा सकते हैं। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय का कहना है कि इस संशोधन से देशभर के निदेशकों को अनुपालन में काफी सहूलियत मिलेगी और अनावश्यक वार्षिक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिलेगी।



