राजस्थान में दो चरणों में होंगे नगर निकाय चुनाव

0

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में आगामी नौ और 11 सितंबर को कराए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी और राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस वार्ता में चुनाव कार्यक्रम के बारे बताया कि प्रदेश में 309 निकायों (10 नगर निगम, 47 नगर परिषद एवं 252 नगरपालिका) के चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में नौ सितंबर को मतदान होगा जबकि दूसरा चरण 11 सितंबर को होगा जबकि मतगणना 14 सितंबर को कराई जाएगी।

सिंह ने बताया कि चुनाव में लोक सूचना 27 अगस्त को जारी की जाएगी और नामांकन पत्र 31 अगस्त तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच एक सितंबर को होगी, जबकि सितंबर को नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद चार सितंबर को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन निकायों में अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर को कराया जाएगा और इसके लिए लोक सूचना 15 सितंबर को जारी की जाएगी और 16 सितंबर तक नामांकन प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इन नामांकन पत्रों की 17 सितंबर को जांच होगी और इसके अगले दिन 18 सिंतबर अपराह्न तीन बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। उसी दिन चुनाव चिह्नों का आवंटन कर दिया जाएगा जबकि मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक होगा तथा मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 309 निकायों के चुनाव में एक करोड़ 44 लाख तीन हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। इनमें 73 लाख 98 हजार 415 पुरुष एवं 70 लाख चार हजार 927 महिला मतदाता जबकि 511 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। पिछले चुनाव वर्ष 2019 के मुकाबले इन मतदाताओं में 27.24 प्रतिशत की वद्धि दर्ज की गई हैं।

सिंह ने बताया कि 309 निकायों में 10 हजार 245 वार्डों में चुनाव होगा जो पिछले चुनाव के समय के वार्डों की तुलना में 36.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं। पिछले चुनाव में 7500 वार्ड थे। चुनाव के लिए 16 हजार 465 मतदान केन्द्र होंगे जो पिछले चुनाव की तुलना में 62.16 प्रतिशत अधिक हैं।

309 निकायों में दो चरणों में चुनाव कराने के लिए मतदान, मतगणन एवं अन्य कार्य के लिए लगभग एक लाख 15 हजार 255 कार्मिकों को लगाया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई।