मंशापूर्ण बांया सा धाम में नवरात्र महोत्सव का समापन, 101 महिलाओं व युवतियों को मिले पुरस्कार

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अजमेर। पुष्कर के समीप डूंगरिया खुर्द के रैवत गांव स्थित मंशापूर्ण बांया सा धाम में नौ दिवसीय नवरात्र महोत्सव का नवमीं के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों और डांडिया नृत्य के साथ समापन हुआ। नवरात्र के दौरान आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।

शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में धाम परिसर में नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन एवं यज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। नवमीं के दिन अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ नवरात्र महोत्सव का विधिवत समापन किया गया। धार्मिक आयोजनों के साथ रात्रिकालीन डांडिया नृत्य भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।

नवरात्र महोत्सव के दौरान दिन में आयोजित महासप्तमी मेले में भी आसपास के गांवों और पुष्कर क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंशापूर्ण बांया सा महाराज के धाम में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले और धार्मिक आयोजन के चलते पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।

101 महिलाओं और युवतियों को किया सम्मानित

समापन अवसर पर डांडिया नृत्य में भाग लेने वाली महिलाओं एवं युवतियों का उत्साहवर्धन किया गया। जोगणियाधाम पुष्कर के संस्थापक ज्योतिषाचार्य भंवर लाल मेघवंशी ने डांडिया नृत्य में शामिल 101 महिलाओं और युवतियों को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार मिलने पर प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और आमजन ने धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया। नवरात्र के नौ दिनों तक धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफल हुए आयोजन

नवरात्र महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में डूंगरिया खुर्द के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एडवोकेट प्रशान्त वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया, जिससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन पंडित दिलीप शास्त्री के पांडित्य में किया गया। यज्ञ, हवन और दुर्गा सप्तशती अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ नवरात्र महोत्सव का समापन हुआ।