ब्यावर। गौवंश सहित सभी जीवों की सेवा और संरक्षण के लिए कार्यरत वन्दे गौ मातरम चैरिटेबल ट्रस्ट में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। ट्रस्ट के नवनियुक्त अध्यक्ष जयंत सोलंकी ने नई टीम की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपीं। अजमेर रोड बायपास स्थित सर्वजीव चिकित्सा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने पद की गोपनीयता की शपथ भी ली।
नई कार्यकारिणी में हंसराज सांखला को उपाध्यक्ष, भवानी सिंह सोलंकी को सचिव, ऋषभ पीपाड़ा को सह-सचिव, भारत चौरोटिया को कोषाध्यक्ष और अक्षत कूकड़ा को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर लोकेश परिहार, यशपाल शर्मा, कमलनयन अग्रवाल, प्रशांत भराड़िया, गगन भारद्वाज, कमलेश जांगिड़, वैभव तोषनीवाल, हनुमान सांखला, अश्विन सांखला, नरेंद्र शर्मा, मोहित जैन, चेतन सांखला, राजकुमार सोलंकी, अमित गुप्ता और दिनेश सिंह चौहान को शामिल किया गया है।
नई टीम के सामने सेवा कार्यों को विस्तार देने की जिम्मेदारी
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ट्रस्ट के सेवा कार्यों को और व्यापक स्तर पर ले जाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद गौभक्तों और ट्रस्ट सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और गौवंश के साथ अन्य मूकजीवों के उपचार, संरक्षण एवं सेवा गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल गौसेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी जीवों के प्रति सेवा भावना के साथ चिकित्सा, संरक्षण और मानवीय सहायता से जुड़े कार्यों को भी गति देना है। नई कार्यकारिणी से इन गतिविधियों को अधिक संगठित तरीके से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई गई।
निवर्तमान अध्यक्ष दीपक रांकावत का सम्मान
कार्यक्रम में ट्रस्ट के निवर्तमान अध्यक्ष दीपक रांकावत का भी सम्मान किया गया। सदस्यों ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए गौसेवा एवं मानव सेवा से जुड़े कार्यों की सराहना की। इस दौरान उनके योगदान को याद करते हुए संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की गई।
सेवा और संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्त एवं ट्रस्ट के सदस्य मौजूद रहे। नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संस्था के सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। विशेष रूप से गौवंश एवं अन्य मूकजीवों के उपचार, संरक्षण और सेवा के क्षेत्र में गतिविधियों को और गति देने पर जोर दिया गया।



