अजमेर। रेलवे अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन से संबद्ध ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन के बैनर तले शुक्रवार को सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक संसाधनों की कमी पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से शीघ्र सुधार की मांग की गई।
सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ के सचिव सुमेर सिंह शेखावत ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की भारी कमी है। मरीजों को समय पर दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही हैं, जबकि ओपीडी में घंटों तक लंबी कतारों में खड़े होकर इलाज का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का सबसे अधिक प्रभाव वरिष्ठ नागरिक एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष मोहन चेलानी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यूनियन के प्रयासों से अस्पताल के लिए 120 नए बेड एवं गद्दों की खरीद का बजट स्वीकृत कराया गया था, लेकिन प्रधान कार्यालय ने इसे रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी अजमेर रेलवे अस्पताल से पैरामेडिकल स्टाफ के पद कम कर जयपुर स्थानांतरित कर दिए गए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल की सुविधाओं को लगातार कम कर जयपुर स्थानांतरित करने की नीति को यूनियन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदर्शन को अरुण गुप्ता, जगदीश सिंह, राजीव शर्मा, गोपाल शर्मा, बालमुकुन्द सैन, ओपी माथुर, बीना मनचंदिया, डीके भटनागर, पुष्पेन्द्र चौधरी, कमलेश शर्मा, गौरव मेहरा, अरविन्द यादव, राजकुमार, अतुल विश्वा एवं संजीव अरोड़ा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने अस्पताल में फिजीशियन, यूरोलॉजिस्ट एवं रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम रंजन ठाकुर को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा। सीएमएस ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मांगों को रेलवे मुख्यालय तक पहुंचाने तथा स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुधार जल्द कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में मोहनलाल शर्मा, जीडी शर्मा, ताराचंद, लक्ष्मी आनंद, नेमीचंद चौहान, विपुल सक्सैना, विष्णुदत्त, हेमराज भाटी, जयसिंह कुलेहरी, सुरेशचंद, मनोहरलाल सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी उपस्थित रहे।



