नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक संवैधानिक पदों पर लगातार 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान गणेश से देशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश की निरंतर प्रगति और सभी के कल्याण की प्रार्थना भी की।
मोदी बुधवार सुबह मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव को साझा करते हुए देशवासियों के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश की कृपा से सभी का कल्याण हो और भारत निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में 7 अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने लगातार चुनावी राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की और गुजरात में लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर करीब 12 वर्ष तक जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता मिली और उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू किया।
इस तरह 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के तौर पर नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो गए। इस अवधि में उन्होंने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर लगातार सत्ता का नेतृत्व किया है।
गुजरात से दिल्ली तक जारी रहा नेतृत्व
मोदी के 25 वर्ष के राजनीतिक सफर को भारतीय राजनीति में एक असाधारण निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य में लगातार तीन विधानसभा चुनावों में भाजपा को जीत दिलाई। वर्ष 2014 में राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव और व्यापक हुआ।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला। 2019 में पार्टी को पहले से अधिक सीटों के साथ बहुमत मिला। इसके बाद 2024 के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सरकार बनाई और मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं ने दी बधाई
मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं के अलावा कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने प्रधानमंत्री के लंबे राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी।
बधाई संदेशों में नेताओं ने मोदी के नेतृत्व, प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा से जुड़े उनके राजनीतिक सफर को रेखांकित किया। समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी गईं।
‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते रहे हैं। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा नेताओं ने उनके नेतृत्व में देश को विकसित अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री स्वयं भी कई मौकों पर देश की विकास यात्रा को अगले चरण तक ले जाने और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते रहे हैं।
मंदिर में पूजा के साथ विशेष दिन की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने अपने इस महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ की। सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने भगवान गणेश से देश की खुशहाली और नागरिकों के स्वस्थ जीवन की कामना की।
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान गणेश की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे। इस संदेश के साथ उन्होंने अपने 25 वर्ष के राजनीतिक सफर के अवसर को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय देशवासियों के कल्याण और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने का संदेश दिया।
25 साल का राजनीतिक सफर
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने तक का दौर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों का साक्षी रहा है। गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका तेजी से बढ़ी और 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद वे भारतीय राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
अब 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर उनका यह सफर एक ऐसे राजनीतिक दौर के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने लगातार सरकार के मुखिया के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। बुधवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ प्रधानमंत्री ने इस अवसर को देश की समृद्धि, स्वास्थ्य और विकास के लिए प्रार्थना के रूप में चिह्नित किया।



