जयपुर ATM कैश डकैती का मुख्य आरोपी 23 दिन बाद अरेस्ट, 38 लाख रुपए बरामद

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जयपुर। रामनगरिया थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से करीब 42 लाख रुपए की नकदी लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के करीब 23 दिन बाद पुलिस ने कथित मुख्य आरोपी मस्तराम मीणा उर्फ मस्ती को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 4 लाख रुपए नकद के अलावा एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक लूटी गई रकम में से कुल 38 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं। करीब 4 लाख रुपए की बरामदगी अभी बाकी है। मामले में आरोपी की कथित महिला मित्र सहित तीन अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है।

14 सितंबर को एटीएम के बाहर हुई थी वारदात

पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर 2026 को अक्षयपात्र मंदिर के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से नकदी निकालकर बाहर ला रहे बैंक कर्मचारियों को दो बदमाशों ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर रोका और करीब 42 लाख रुपए की नकदी लेकर फरार हो गए थे।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी पारसमल जैन के सुपरविजन और एसीपी सांगानेर दीपक खंडेलवाल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। रामनगरिया थानाधिकारी अनिल टेलर के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

रेकी के बाद वारदात को अंजाम देने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात से पहले एटीएम और कैश ले जाने की गतिविधियों की कथित तौर पर रेकी की गई थी। पुलिस के अनुसार मस्तराम की महिला मित्र अंशु कुमारी जाटव ने रेकी में मदद की थी। उसे पुलिस ने वारदात के दो दिन बाद 16 सितंबर को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी सूचनाओं के साथ आरोपियों के संभावित आने-जाने के रास्तों का विश्लेषण किया गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने सुमित जंगम (26) और पुष्पेंद्र मीणा (28) को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी करौली जिले के निवासी बताए गए हैं और जयपुर में किराए के मकान में रह रहे थे।

कोटा और कोयंबटूर में बदलता रहा ठिकाना

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मस्तराम वारदात के बाद लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। उसकी तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी। आरोपी के कोटा और कोयंबटूर समेत अन्य जगहों पर छिपे होने की जानकारी सामने आई। आखिरकार पुलिस टीम ने उसे जयपुर के इंदिरा गांधी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मस्तराम मीणा (28) मूल रूप से कसोले का पुरा, करौली का रहने वाला बताया गया है और जयपुर के दीप कॉलोनी क्षेत्र में रह रहा था।

शेष रकम और हथियार को लेकर पूछताछ

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे लूट की शेष रकम, हथियार कहां से हासिल किए गए और वारदात की योजना में किस-किस की भूमिका थी, इस संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस बरामद हथियार और कारतूस के स्रोत की भी जांच कर रही है।