प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु नियुक्त

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प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल पूरा होने पर संभालेंगे जिम्मेदारी
जयपुर। राजस्थान के उच्च शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर का नया कुलगुरु नियुक्त किया है। राज्य सरकार के परामर्श से गुरुवार को नियुक्ति आदेश जारी किए गए। सारस्वत वर्तमान में कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु हैं और अब प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल राजस्थान विश्वविद्यालय की कमान संभालेंगे।

राजस्थान विश्वविद्यालय में अभी प्रो. अल्पना कटेजा कुलगुरु हैं। उनका कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। इसके बाद प्रो. सारस्वत विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रो. कटेजा राजस्थान विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलगुरु रही हैं।

अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी में रह चुके हैं डीन

प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत का उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबा जुड़ाव रहा है। कोटा विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के वाणिज्य विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन के रूप में दर्ज किया गया है। उन्हें जून 2025 में कोटा विश्वविद्यालय का कुलगुरु नियुक्त किया गया था और उन्होंने 7 जून 2025 को पदभार ग्रहण किया था।

इसके बाद जुलाई 2025 में उन्हें वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया था। राजस्थान लोकभवन के रिकॉर्ड में भी उनकी कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु के रूप में नियुक्ति दर्ज है।

भाजपा अजमेर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष भी रह चुके सारस्वत

प्रो. सारस्वत का नाम शिक्षा क्षेत्र के साथ राजनीति से भी जुड़ा रहा है। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक वे भाजपा अजमेर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बाद में उनकी सक्रिय भूमिका उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन में रही।

राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे बड़े शिक्षण संस्थान में सारस्वत के सामने शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था, विद्यार्थियों से जुड़े मामलों और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।

सीकर और बीकानेर विश्वविद्यालय को भी मिले नए कुलगुरु

राज्यपाल ने राजस्थान विश्वविद्यालय के साथ प्रदेश के दो अन्य विश्वविद्यालयों में भी कुलगुरुओं की नियुक्ति की है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह और महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में प्रो. नरसी राम विश्नोई को कुलगुरु नियुक्त किया गया है।

तीनों नियुक्तियां राज्य सरकार के परामर्श से की गई हैं। नियुक्ति आदेश के अनुसार कुलगुरुओं का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, रहेगा।

प्रो. सारस्वत की नियुक्ति के साथ राजस्थान विश्वविद्यालय में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। कोटा विश्वविद्यालय का नेतृत्व करने के बाद अब उनके सामने राजस्थान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था संभालने की नई जिम्मेदारी होगी।