विशेष योग्यजनों के सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी राजस्थान सरकार : भजनलाल शर्मा

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जयपुर। राजस्थान सरकार विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाना है, जहां प्रत्येक विशेष योग्यजन को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की सफलता में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि उसके भीतर दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का जज्बा हो।

मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत विशेष योग्यजन युवा संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर राज्य सरकार विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण के लिए प्रयासरत है। सरकार उनके सपनों को पूरा करने में सारथी की भूमिका निभाएगी।

75 करोड़ रुपए से अधिक की पेंशन राशि डीबीटी से हस्तांतरित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले साढ़े पांच लाख से अधिक विशेष योग्यजनों के खातों में 75 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी। उन्होंने कहा कि आर्थिक संबल के साथ शिक्षा, रोजगार, खेल और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विशेष योग्यजनों के लिए समान अवसर नीति-2025 लागू की गई है। अब तक 2 लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। अनुजा निगम के माध्यम से विशेष योग्यजनों सहित विभिन्न श्रेणियों के करीब 7 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने बताया कि विशेष योग्यजनों के आवासीय संस्थानों में मैस भत्ते की राशि बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह की गई है। इसके अलावा गत वर्ष 2,500 स्कूटी और पिछले दो वर्षों में 44 हजार सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।

पैरा खिलाड़ियों और समाजसेवी का सम्मान

मुख्यमंत्री ने खेल के क्षेत्र में राजस्थान का नाम रोशन करने वाले विशेष योग्यजन खिलाड़ियों मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा और कृष्णा नागर को सम्मानित किया। विशेष योग्यजनों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मभूषण डॉ. डी.आर. मेहता का भी सम्मान किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग में नियुक्त पैरा खिलाड़ियों के स्थायीकरण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर विशेष योग्यजन युवा खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

समान अवसर और आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू किए गए सुगम्य भारत अभियान ने दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं और सम्मानजनक जीवन के अवसर बढ़ाए हैं। दिव्यांगता की श्रेणियों को भी 7 से बढ़ाकर 21 किया गया है। राज्य सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए विशेष योग्यजनों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ रही है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और आत्मनिर्भर बनने के लिए निरंतर प्रयास करें। सरकार उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले एवं खेल प्रवीण गुप्ता तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उदयपुर की राष्ट्रीय पैरा फेंसिंग खिलाड़ी सुनीता कुमारी और जैसलमेर के सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन खां ने भी अपने अनुभव साझा किए।