लखनऊ में कैफे संचालक की संदिग्ध मौत, लिव-इन पार्टनर पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

0

चौथी मंजिल से गिरने के बाद युवक की मौत, शरीर पर चोटों के निशान होने का दावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में एक कैफे संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा नामक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने उसकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उसकी बहन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का दावा है कि शिवा के साथ पहले मारपीट और प्रताड़ना की गई तथा बाद में उसे अपार्टमेंट से नीचे फेंक दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

फोन पर मिली हादसे की सूचना, अस्पताल में तलाशते रहे परिजन

मृतक की मां के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे रश्मि दुबे नामक महिला का फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शिवा नहीं मिला। परिवार का कहना है कि उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक उसकी तलाश की। बाद में जानकारी मिली कि घायल युवक को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया है।

परिजनों ने यह भी दावा किया कि वहां एम्बुलेंस के पास श्रद्धा दुबे का ड्राइवर दानिश मौजूद था। आरोप है कि वह फोन पर अपनी पहचान सौरव कश्यप के रूप में बताता था और परिवार के पहुंचने पर घायल शिवा को छोड़कर वहां से चला गया। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

चार-पांच महीने से प्रताड़ना का आरोप

शिवा के परिजनों का आरोप है कि उसकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे पिछले चार-पांच महीनों से उसे परेशान कर रही थी। परिवार के मुताबिक शिवा को मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकियां दिए जाने की बात भी सामने आई है।

इन्हीं आरोपों के आधार पर परिवार घटना को सामान्य हादसा मानने के लिए तैयार नहीं है। परिजनों ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

शरीर पर चोटों के निशान होने का दावा

शिवा की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। परिवार के अनुसार, उसकी आंखों और जबड़े पर चोटें थीं तथा नाक और कान से खून बह रहा था। पसलियों और पैर में फ्रैक्चर होने के साथ शरीर पर खरोंच और सिगरेट से जलाने जैसे निशान होने का दावा भी किया गया है।

इन चोटों की प्रकृति और उनके कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय रिपोर्ट तथा जांच से ही हो सकेगी। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि युवक को ये चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और उसकी मौत से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

एसीपी रजनीश वर्मा के अनुसार अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है। पहली मंजिल पर लगे कैमरे में घटना के बाद कुछ लोगों को नीचे उतरते हुए देखा गया है। पुलिस इन लोगों की पहचान करने में जुटी है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

पुलिस ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।