नसीराबाद। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को नसीराबाद में संघ की ओर से पथ संचलन निकाला गया। पूर्ण गणवेश में शामिल स्वयंसेवकों ने घोष दल की अगुवाई में शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से कदमताल करते हुए संचलन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
संघ की विभिन्न शाखाओं और बस्तियों से जुड़े स्वयंसेवक दोपहर करीब 3:30 बजे नवलराम जी की बगीची के पास स्थित आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि स्थल पर एकत्र होने लगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम पांच बजे पथ संचलन शुरू हुआ। इससे पहले परंपरानुसार शस्त्र पूजन किया गया और स्वयंसेवकों को संघ की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों से गुजरा संचलन
घोष दल के साथ शुरू हुआ पथ संचलन आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि स्थल से रवाना होकर मुख्य बाजार और भेरू चौराहे से होते हुए पेट्रोल पंप, पोस्टल कॉलोनी तथा मोची बाजार पहुंचा। इसके बाद स्वयंसेवक सिंधी बाजार और लारी रोड से स्टेशन रोड की ओर बढ़े।
संचलन स्टेशन रोड के सामने से पलसानिया रोड और सुत्तरखाना मोहल्ले होते हुए काली माई रोड पहुंचा। यहां से आगे बढ़ते हुए संचलन पुनः आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के समाधि स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। संचलन में नगर की विभिन्न शाखाओं के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
विजयादशमी और संघ स्थापना दिवस का महत्व
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन की थी। संघ के लिए विजयादशमी स्थापना दिवस के रूप में भी मनाई जाती है। इस अवसर पर शस्त्र पूजन और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवक संगठन की परंपराओं तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराते हैं।
नसीराबाद में आयोजित पथ संचलन भी इसी परंपरा के तहत निकाला गया। आयोजन में शामिल स्वयंसेवकों ने निर्धारित मार्ग पर अनुशासित ढंग से कदमताल की और शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए कार्यक्रम का समापन किया।



