‘सरकार बनी तो IAS बनवा दूंगा’, महिला बैंककर्मी को मैसेज भेजने के आरोप में सपा नेता अरेस्ट

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मथुरा। महिला बैंककर्मी को कथित तौर पर आपत्तिजनक संदेश भेजने, पीछा करने और उसकी निजी गतिविधियों की जानकारी जुटाने के मामले में मथुरा पुलिस ने समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे सैयद राजन अहमद रिजवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस और स्वाट टीम ने उसे अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र स्थित धर्रामाफी गांव में एक रिश्तेदार के यहां से पकड़ा। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पार्टी संगठन ने भी रिजवी को उसके पद से हटा दिया था।

पुलिस के अनुसार मथुरा के एक बैंक में कार्यरत महिला ने राजन रिजवी के खिलाफ शिकायत दी थी। महिला का आरोप है कि रिजवी बैंक ग्राहक के रूप में आता था और बाद में उसने किसी माध्यम से उसका निजी मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर लगातार संदेश भेजे जाने लगे। महिला द्वारा आपत्ति जताने और संपर्क से दूरी बनाने के बावजूद कथित तौर पर उसे परेशान किया जाता रहा।

मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ कथित चैट भी वायरल हुईं। इनमें महिला की प्रशंसा करने के साथ प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री के माध्यम से डेपुटेशन के आधार पर आईएएस बनवाने की कोशिश करने जैसी बात कही गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इन आरोपों की जांच शुरू की।

CDR निकलवाने की धमकी और रेकी का भी आरोप

महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाने की धमकी देकर दबाव में लेने का प्रयास किया गया। उसके वाहन की तस्वीरें लेने और निजी तथा पारिवारिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी के रात के समय महिला के आवासीय क्षेत्र के आसपास दिखाई देने की जानकारी मिली थी। महिला के पति तथा घर से जुड़े कर्मचारियों से संबंधित जानकारी जुटाने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों के आधार पर मथुरा कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।

अलीगढ़ में रिश्तेदार के यहां से पकड़ा

पुलिस के मुताबिक रविवार, 27 सितंबर को कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम को आरोपी के अलीगढ़ में होने की जानकारी मिली। टीम ने क्वारसी थाना क्षेत्र के धर्रामाफी गांव में दबिश देकर दोपहर करीब 2:50 बजे राजन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे मथुरा लाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।

मामला सामने आने और एफआईआर दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक संगठन ने भी राजन रिजवी को संगठनात्मक पद से हटा दिया था। पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना जारी है।