सेवा कार्यों को प्रभावी बनाने पर मंथन, किशनगढ़ में सेवा भारती का अध्यक्ष-मंत्री प्रशिक्षण वर्ग

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किशनगढ़। सेवा भारती चित्तौड़ प्रांत की ओर से किशनगढ़ में अध्यक्ष-मंत्री प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया। इसमें प्रांत के विभिन्न जिलों और महानगर इकाइयों के अध्यक्ष एवं मंत्रियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान पदाधिकारियों को दायित्व बोध, संगठन की कार्यपद्धति, संस्था संचालन, दस्तावेजों के संधारण और सेवा कार्यों के विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ सेवा भारती चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष विवेक बोहरा, प्रांत मंत्री गोपीराज सोनी, प्रांत संगठन मंत्री गोविंद कुमार एवं सत्यनारायण आसोपा ने दीप प्रज्वलित कर किया।

दस्तावेज और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने पर जोर

प्रथम सत्र में सत्यनारायण आसोपा ने संस्था संचालन के लिए आवश्यक दस्तावेजों, रिकॉर्ड के व्यवस्थित संधारण और निर्धारित समय पर दस्तावेजों के नवीनीकरण की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने विभिन्न इकाइयों में लंबित संगठनात्मक एवं दस्तावेजी कार्यों को पूरा करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया।

प्रांत संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने विभिन्न जिलों और महानगरों से आए पदाधिकारियों से उनकी इकाइयों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सेवा कार्यों के विस्तार की भावी योजनाओं पर चर्चा करते हुए आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण पंचांग तैयार कराया।

संविधान के अनुरूप संस्था संचालन की सीख

प्रांत मंत्री गोपीराज सोनी ने अध्यक्ष और मंत्री के दायित्वों एवं कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पदाधिकारियों से अपनी संस्था के संविधान का गंभीरता से अध्ययन करने और उसी के अनुरूप संगठनात्मक गतिविधियां संचालित करने का आग्रह किया। इस दौरान अध्यक्ष की भूमिका और मंत्री की जिम्मेदारियों से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई।

अंतिम सत्र में प्रांत सह मंत्री दामोदर ने विभिन्न इकाइयों के अध्यक्षों एवं मंत्रियों से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। जिला और महानगर इकाइयों की बैठकों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के साथ संगठनात्मक गतिविधियों के बेहतर संचालन पर विचार-विमर्श किया गया।

समापन पर प्रांत अध्यक्ष विवेक बोहरा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पदाधिकारियों से समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सेवा गतिविधियों का विस्तार करने और अपने दायित्वों का पूर्ण क्षमता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।