सिंहस्थ कुंभ 2027 का शंखनाद : त्र्यंबकेश्वर में फडणवीस ने फहराई धर्मध्वजा, नासिक में राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ध्वजारोहण

1

नासिक। महाराष्ट्र में आगामी नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ महापर्व 2027 की तैयारियों ने शनिवार को धार्मिक स्वरूप में औपचारिक गति पकड़ ली। त्र्यंबकेश्वर स्थित पवित्र कुशावर्त तीर्थ पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्रृंगेरी पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती की उपस्थिति में धर्मध्वजारोहण किया। इसी समय नासिक के रामकुंड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी धार्मिक ध्वज फहराकर सिंहस्थ कुंभ के शुभारंभ की रस्म पूरी की।

दोनों प्रमुख तीर्थस्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुए ध्वजारोहण समारोह में बड़ी संख्या में साधु-संत, महंत, अखाड़ों के प्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। इन आयोजनों के साथ ही वर्ष 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ महापर्व की धार्मिक गतिविधियों का औपचारिक आगाज हो गया।

कुशावर्त तीर्थ पर वैदिक मंत्रों के बीच हुआ अनुष्ठान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार सुबह त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पहुंचे। यहां उन्होंने उपस्थित साधु-संतों और धार्मिक गुरुओं का स्वागत किया तथा जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती से आशीर्वाद प्राप्त किया।

धर्मध्वजारोहण से पहले गोदावरी नदी की पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद संकल्प विधि, गणेश पूजन और अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक ध्वज और ध्वजस्तंभ का पूजन कराया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्धारित शुभ मुहूर्त में धर्मध्वजा फहराई। इस दौरान गोदावरी आरती भी की गई।

नासिक के रामकुंड में राष्ट्रपति ने फहराई धर्मध्वजा

सिंहस्थ कुंभ के शुभारंभ के अवसर पर नासिक के पंचवटी क्षेत्र स्थित रामकुंड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ध्वजारोहण किया। उन्होंने यज्ञ में आहुति देने के साथ गोदावरी नदी की पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद ध्वज फहराया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में एक ही शुभ मुहूर्त में हुए दोनों समारोहों ने सिंहस्थ कुंभ के धार्मिक महत्व को विशेष स्वरूप दिया।

अखाड़ों के संत-महंतों की रही मौजूदगी

त्र्यंबकेश्वर में आयोजित समारोह में विभिन्न संन्यासी अखाड़ों के प्रतिनिधि और देशभर से आए संत-महंत शामिल हुए। इनमें जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़ा के महंत रवींद्र पुरी, आवाहन अखाड़ा के महंत सत्य गिरि सहित अन्य धार्मिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में विधायक हिरामण खोसकर, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद की अध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय ऐनपुरे, जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार और पुलिस अधीक्षक डॉ. एस. स्वामी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस आयोजन का संचालन पुरोहित संघ, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद और सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

2027 में होंगे अमृत स्नान, 2028 तक चलेगा महापर्व

नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ का मुख्य धार्मिक आकर्षण अमृत स्नान होगा। इसमें विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, महंत और नागा साधु निर्धारित तिथियों पर पवित्र नदियों और तीर्थों में स्नान करेंगे। इसके लिए नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यापक व्यवस्थाएं की जानी हैं।

प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं और घाटों के विकास जैसी बड़ी जिम्मेदारियां हैं। महाराष्ट्र सरकार इन व्यवस्थाओं को लेकर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है।

सिंहस्थ कुंभ का आयोजन 2027 में शुरू होकर जुलाई 2028 तक जारी रहने की योजना है। धर्मध्वजारोहण के साथ अब धार्मिक संस्थाओं, अखाड़ों और प्रशासन की तैयारियों को और गति मिलने की उम्मीद है।