सिरोही में एक करोड़ से अधिक की अफीम का दूध जब्त, एक तस्कर अरेस्ट

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मावल चौकी पर मिनी ट्रक से 20.696 किलो मादक पदार्थ बरामद
आबूरोड/सिरोही। राजस्थान में पंचायत चुनावों के मद्देनजर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सिरोही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आबूरोड रीको थाना पुलिस ने गुजरात सीमा से सटी मावल पुलिस चौकी पर नाकाबंदी के दौरान एक मिनी ट्रक से 20 किलो 696 ग्राम अवैध अफीम का दूध बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार और आबूरोड वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह राठौड़ के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। आबूरोड रीको थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह चंपावत के नेतृत्व में पुलिस टीम मावल चौकी क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।

मिनी ट्रक के केबिन में बैग से मिली अफीम

गुरुवार शाम गुजरात सीमा के निकट मावल चौकी पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान राजस्थान नंबर के एक मिनी ट्रक को रुकवाया। संदेह होने पर वाहन की तलाशी ली गई। इस दौरान ट्रक के केबिन में रखे एक बैग से भारी मात्रा में अवैध अफीम का दूध बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही 20 किलो 696 ग्राम अफीम जब्त कर मिनी ट्रक को सीज कर दिया और चालक को गिरफ्तार कर लिया।

नीमच से गुजरात ले जाई जा रही थी खेप

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान महादेव प्रजापत (24) पुत्र देवानंद निवासी धराड़, थाना बिलपांक, जिला रतलाम (मध्य प्रदेश) के रूप में की है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अफीम की यह खेप मध्य प्रदेश के नीमच से लेकर आया था और इसे गुजरात के सिद्धपुर में सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क, मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले लोगों और खेप प्राप्त करने वाले संभावित आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।

एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम कहां से जुटाई गई और इसके परिवहन तथा वितरण में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक भवानी सिंह, कांस्टेबल बाबू सिंह और दिलीप सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम में कांस्टेबल ओमप्रकाश मालदेव और चालक कांस्टेबल अरुण सिंह भी शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनावों को देखते हुए जिले में सीमावर्ती मार्गों, प्रमुख चेक पोस्टों और संदिग्ध वाहनों की निगरानी बढ़ाई गई है। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।