संघर्षों से अभिनय की दुनिया तक पहुंचे सुशोभन सोनू राय, बंगाली फिल्म ‘टेक केयर भालोबाशा’ से बड़े पर्दे पर दस्तक

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कोलकाता। छोटे पर्दे पर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने के बाद अब सुशोभन सोनू राय बंगाली सिनेमा में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। हावड़ा में जन्मे और कोलकाता में पले-बढ़े सुशोभन निर्देशक सौम्यजीत आदक की फिल्म ‘टेक केयर भालोबाशा’ में जय की भूमिका निभा रहे हैं। टेलीविजन धारावाहिकों, मॉडलिंग और अभिनय प्रशिक्षण के अनुभव के बाद बड़े पर्दे तक पहुंचा उनका सफर संघर्ष, मेहनत और लगातार आगे बढ़ने की कहानी है।

चार दोस्तों की जिंदगी, दोस्ती, प्रेम और बदलते रिश्तों के समीकरणों पर आधारित इस फिल्म में जय का किरदार कहानी का अहम हिस्सा है। वह दोस्तों के बीच भावनात्मक जुड़ाव, रिश्तों की जटिलताओं और बदलते हालात के बीच अपनी भूमिका निभाता नजर आएगा। फिल्म में शोलांकी रॉय, सौम्य मुखर्जी, राहुल मजूमदार और श्रीमा भट्टाचार्य प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सुशोभन की यह पहली बंगाली फिल्म है, जिसके जरिए वह टेलीविजन से सिनेमा की दुनिया में कदम रख रहे हैं।

बचपन की मुश्किलों ने बनाया आत्मनिर्भर

सुशोभन का शुरुआती जीवन कई चुनौतियों से गुजरा। महज साढ़े तीन वर्ष की उम्र में पिता का साया सिर से उठ गया। इसके बाद उनकी मां ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया और शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी निभाई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी रुचियों और सपनों को आगे बढ़ाना जारी रखा।

उनकी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई कोलकाता में हुई। वर्ष 2016 में उन्होंने दमदम मोतिझील रवीन्द्र महाविद्यालय से बी.कॉम. की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव सांस्कृतिक गतिविधियों और कला की ओर बढ़ने लगा था। परिवार की इच्छा थी कि वे संगीत सीखें, लेकिन सुशोभन की विशेष रुचि नृत्य में थी। उन्होंने करीब दो साल तक वेस्टर्न डांस का प्रशिक्षण लिया और विभिन्न मंचीय कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां दीं।

अभिनय प्रशिक्षण के बाद टेलीविजन में बनाई पहचान

नृत्य के बाद अभिनय को करियर बनाने की दिशा में उन्होंने निर्देशक पीयूष साहा की अभिनय कार्यशाला में लगभग डेढ़ से दो वर्ष तक प्रशिक्षण लिया। इसी दौरान ऑडिशन देना शुरू किया और धीरे-धीरे टेलीविजन की दुनिया में अवसर मिलने लगे।

वर्ष 2019 में आकाश आठ चैनल के धारावाहिक ‘आनंदमयी मां’ से उन्होंने अभिनय की शुरुआत की। दिवंगत निर्देशक देबीदास भट्टाचार्य के निर्देशन में बने इस धारावाहिक में उन्होंने वैष्णव भक्त का किरदार निभाया। इसके बाद स्टार जलसा के ‘मोहर’, ‘कोड़ापाखी’, ‘तितली’ और ‘खेलाघर’ जैसे धारावाहिकों में काम किया। ‘कोड़ापाखी’ में नकारात्मक भूमिका निभाकर उन्होंने अपने अभिनय का अलग पक्ष भी सामने रखा। इसके अलावा जी बांग्ला के धारावाहिक ‘जमुना ढाकी’ में भी वह नजर आए।

कोरोना काल के बाद मॉडलिंग में भी आजमाया हाथ

कोविड-19 महामारी के दौरान मनोरंजन जगत में कामकाज प्रभावित होने से उनके अभिनय करियर में भी कुछ समय का विराम आया। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। इस क्षेत्र में उन्होंने हॉलिडे इन होटल, बिग बाजार और स्पेंसर्स जैसे ब्रांड्स के लिए काम किया। अभिनय के साथ मॉडलिंग में भी अपनी पहचान बनाने के प्रयास जारी रखे।

वर्ष 2025 में कोलकाता में आयोजित ‘एथनिक एलिगेंस 2025’ ब्यूटी पेजेंट में उन्होंने प्रथम रनर-अप का स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने उनके व्यक्तित्व और मंचीय आत्मविश्वास को एक नई पहचान दी।

अब बड़े पर्दे पर नई पारी

बंगाली फिल्म ‘टेक केयर भालोबाशा’ सुशोभन के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। फिल्म की कहानी दोस्ती और प्रेम के बीच बदलते रिश्तों को केंद्र में रखती है। निर्देशक सौम्यजीत आदक ने चार दोस्तों की जिंदगी के जरिए भावनाओं और आपसी संबंधों को पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। फिल्म की शूटिंग शुरू होने की जानकारी जुलाई 2025 में भी बंगाली मनोरंजन मीडिया में प्रकाशित हुई थी। उस समय सुशोभन के बड़े पर्दे पर पदार्पण और जय के किरदार को लेकर चर्चा हुई थी।

छोटे पर्दे से शुरुआत करने वाले सुशोभन के लिए अब फिल्मी दुनिया में अपनी जगह बनाना अगली चुनौती है। बचपन की कठिनाइयों से लेकर अभिनय, नृत्य, मॉडलिंग और अब सिनेमा तक का उनका सफर बताता है कि उन्होंने अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अनुभव जुटाए हैं।