स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का उत्साहपूर्ण समापन, 252 खिलाड़ियों और 49 टीमों ने दिखाया दमखम

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जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पौंड्रिक नगर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ समापन हो गया। खेल महोत्सव में 252 खिलाड़ियों ने विभिन्न एकल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि 49 टीमों ने टीम प्रतियोगिताओं में भाग लेकर खेल भावना, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का प्रभावशाली परिचय दिया।

महोत्सव का शुभारंभ जयपुर महानगर के सह कार्यवाह रूपसिंह के सान्निध्य में हुआ था। दूसरे दिन आयोजित टीम प्रतियोगितियों का संचालन एवं मार्गदर्शन जयपुर महानगर के सह महानगर कार्यवाह अशोक शर्मा के निर्देशन में किया गया।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी जाह्नवी मेहरा रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और राष्ट्रभाव के विकास का सशक्त आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सशक्त और संगठित समाज के निर्माण में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा युवाओं को नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जुड़ना चाहिए।

दो दिवसीय खेल महोत्सव के दौरान कबड्डी, चक्रिका छू, रस्सा-कस्सी, वलय गोल सहित अनेक पारंपरिक भारतीय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें पौंड्रिक नगर की विभिन्न बस्तियों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

महोत्सव का संयोजन पुष्पेंद्र राठौड़ ने किया, जबकि संपूर्ण व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नगर संघचालक वैद्य केदारनाथ शर्मा ने निभाई। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

आयोजन के अंत में स्वयंसेवकों, खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों के माध्यम से युवाओं में खेल संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।