50 करोड़ रुपए के लोन धोखाधड़ी मामले में ‘द ग्रीन बिलियन्स’ का सीईओ अरेस्ट

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने गुरुवार को 47.32 करोड़ रुपए के धन शोधन मामले में ‘द ग्रीन बिलियंस लिमिटेड’ (टीजीबीएल) के सीईओ प्रतीक कनकिया को गिरफ्तार किया है।

ईडी ने बताया कि प्रतीक कनकिया को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 9 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने सरकारी सार्वजनिक उपक्रम ब्रॉडकॉस्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) से धोखाधड़ी से 50 करोड़ रुपए का ऋण लिया और उसका इस्तेमाल दूसरी जगह किया, जिससे पीएसयू को नुकसान हुआ।

वर्ष 2018 में पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने कचरे से ऊर्जा बनाने वाले प्लांट की स्थापना और संचालन के लिए रुचि-पत्र (ईओआई) जारी किया था। यह परियोजना 2019 में वैरिएट कंसल्टेंट्स को दी गई थी। इसके बाद 2020 में पीएमसी और इस परियोजना के लिए बनाई गई एक विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) वैरिएट पुणे वेस्ट टू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक रियायत समझौता किया गया।

इसके बाद, द ग्रीन बिलियंस लिमिटेड ने उक्त एसपीवी को हासिल करने के लिए एक बाध्यकारी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए और बीईसीआईएल से कंसोर्टियम बनाने के लिए संपर्क किया। इस व्यवस्था में बीईसीआईएल को परियोजना प्रबंधन सलाहकार और पीएमसी परियोजना के वित्तीय भागीदार के रूप में कार्य करना था। वर्ष 2022 में भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) ने बीईसीआईएल को 80 करोड़ रुपये का अल्पावधि ऋण स्वीकृत किया, जिसमें से 50 करोड़ रुपए बीईसीआईएल ने टीजीबीएल को और स्वीकृत किए।

ईडी की जांच में सामने आया कि प्रतीक कनकिया ने अपने निजी फर्म के जरिये और बीईसीआईएल के पूर्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पुणे कचरा से ऊर्जा परियोजना के नाम पर धोखे से क्रेडिट सुविधा का फायदा उठाया और निर्धारित शर्तों का पालन किये बिना धनराशि हड़प ली और इसका दूसरी जगह इस्तेमाल किया। पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की कि परियोजना स्थल पर कोई कार्य नहीं किया गया है। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि अपराध की आय का उपयोग आरोपी ने निजी खर्चों के लिए और आलीशान जीवन शैली बनाए रखने के लिए किया था।