थेनी जेल ब्रेक : मेडिकल इमरजेंसी का बहाना, 17 कैदी फरार, 5 अरेस्ट, 12 की तलाश

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चेन्नई। तमिलनाडु के थेनी जिले में सोमवार रात एक चौंकाने वाली जेल ब्रेक की घटना सामने आई। थेक्कमपट्टी स्थित जिला जेल से 17 विचाराधीन कैदी जेलकर्मियों पर हमला करने के बाद फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक पांच फरार कैदियों को दोबारा गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष 12 कैदियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैदियों ने भागने के लिए पहले सुनियोजित तरीके से मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाया। बताया गया कि तीसरे ब्लॉक में एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ने की बात कहकर जेलकर्मियों को बुलाया गया। जैसे ही कर्मचारी मदद के लिए सेल के पास पहुंचे, कैदियों ने उन पर हमला कर दिया और मौका पाकर जेल से बाहर निकल गए।

एक साथ बंद थे सभी 17 कैदी

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार फरार हुए सभी 17 विचाराधीन कैदी एक ही सेल में बंद थे। हमला अचानक किया गया और कैदियों ने जेलकर्मियों को काबू में करने के बाद फरार होने का रास्ता बनाया। घटना के बाद जेल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

हमले में एक जेलकर्मी के सिर में गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। उसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।

पांच कैदी पकड़े गए, 12 अभी फरार

जेल से भागने के बाद पुलिस ने तत्काल कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया। विशेष पुलिस टीमों को अलग-अलग इलाकों में भेजा गया। तलाशी अभियान के दौरान पहले एक कैदी पकड़ा गया और इसके बाद चार अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह अब तक पांच फरार कैदी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

फरार 12 कैदियों की तलाश के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। आसपास के जिलों में वाहनों की जांच, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही संभावित ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने पड़ोसी जिलों और केरल सीमा की ओर भी निगरानी बढ़ाई है।

ड्रोन से भी निगरानी, 17 विशेष टीमें सक्रिय

फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। घने जंगल और दुर्गम इलाकों में तलाशी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस फरार कैदियों के संभावित ठिकानों और उनके गृह क्षेत्रों पर विशेष नजर रख रही है।

दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। वहीं तमिलनाडु जेल विभाग के महानिदेशक संदीप राय राठौड़ भी मामले की जांच के लिए पहुंचे और जेल की सुरक्षा व्यवस्था तथा घटना के दौरान हुई चूक की जानकारी जुटाई।

जेल में क्षमता से ज्यादा कैदी होने की भी चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार थेनी जिला जेल की स्वीकृत क्षमता 200 कैदियों की है, जबकि घटना के समय यहां 300 से अधिक कैदी बंद थे। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं। मामले की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कैदियों ने सुरक्षा घेरे को किस तरह भेदा और उन्हें इतनी बड़ी संख्या में एक साथ भागने का मौका कैसे मिला। जेल ब्रेक की घटना के बाद आसपास के जिलों में भी पुलिस को अलर्ट किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी फरार कैदियों को जल्द पकड़ने के लिए तलाशी अभियान लगातार जारी रहेगा।