चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) अदालत ने 2022 में चार नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के दोषी 47 वर्षीय पादरी अब्राहम को चार बार मौत की सजा सुनाते हुए दोषी पर 52,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने तमिलनाडु सरकार को चारों पीड़ितों में से प्रत्येक को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
पॉक्सो अदालत के जज सुरेश कुमार ने फैसला सुनाते हुए चार नाबालिग पीड़ितों के साथ हुए अपराधों की गंभीरता को देखते हुए पादरी अब्राहम को चार बार मौत की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि पादरी के खिलाफ आरोप बिना किसी संदेह के साबित हो गए हैं और उन पर 52,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने तमिलनाडु सरकार को चारों पीड़ितों में से प्रत्येक को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि चर्च गई चार लड़कियों को उसने गैर-कानूनी रूप से बंधक बनाया और उनका यौन शोषण किया। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि अब्राहम ने लड़कियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और उन्हें इस घटना के बारे में किसी को भी न बताने की चेतावनी दी।
गौरतलब है कि यह मामला 5 जुलाई, 2022 को पीड़ितों में से एक की मां की शिकायत के आधार पर तिरुनेलवेली के महिला थाना में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने अब्राहम को गिरफ्तार किया, विस्तृत जांच की और अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। जज ने मुकदमे की कार्यवाही के बाद पादरी को दोषी पाते हुए चार बार मौत की सजा सुनाई।



