वियतनाम एयरलाइंस 3 नवंबर से अहमदाबाद-हनोई के बीच शुरू करेगी सीधी उड़ान

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सप्ताह में 4 दिन मिलेगी हवाई सेवा, भारत में एयरलाइन का पांचवां गंतव्य बनेगा अहमदाबाद
नई दिल्ली। भारत और वियतनाम के बीच हवाई संपर्क को विस्तार देते हुए वियतनाम की राष्ट्रीय विमानन कंपनी वियतनाम एयरलाइंस 3 नवंबर 2026 से अहमदाबाद और हनोई के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करने जा रही है। इस नई सेवा से गुजरात और आसपास के राज्यों के यात्रियों को वियतनाम की राजधानी तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त सीधा हवाई विकल्प मिलेगा।

कंपनी की प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, अहमदाबाद और हनोई के बीच उड़ान सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी। इस सेवा से पर्यटन, व्यापार और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत में पांचवां गंतव्य बनेगा अहमदाबाद

अहमदाबाद के जुड़ने के साथ भारत में वियतनाम एयरलाइंस के गंतव्यों की संख्या पांच हो जाएगी। नई उड़ान से गुजरात के यात्रियों को वियतनाम की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, आसपास के राज्यों से आने वाले यात्री भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

हनोई वियतनाम का प्रमुख राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र है। यहां ऐतिहासिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन आकर्षणों के कारण भारतीय पर्यटकों की रुचि बनी रहती है। सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रा का समय बचाने और यात्रा की योजना को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

भारत-वियतनाम के बीच बढ़ते संबंधों पर जोर

वियतनाम एयरलाइंस के प्रवक्ता और भारत में कंपनी के प्रबंधक गुयेन ट्रुंग हियू के अनुसार, भारत एयरलाइन के लिए तेजी से महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार बन रहा है। दोनों देशों के बीच पर्यटन, कारोबारी गतिविधियों और यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है।

अहमदाबाद से सीधी उड़ान शुरू होने से गुजरात के उद्योग जगत, व्यापारियों और पर्यटकों को भी लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही, वियतनाम से भारत आने वाले यात्रियों के लिए भी अहमदाबाद तक पहुंचना आसान हो सकता है।

पर्यटन और कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा

भारत और वियतनाम के बीच बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक यात्राओं को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। गुजरात के कारोबारियों को वियतनाम के बाजारों से जुड़ने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, जबकि भारतीय पर्यटकों को दक्षिण-पूर्व एशिया की यात्रा की योजना बनाने में सुविधा हो सकती है।