गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग-झोलुंगे क्षेत्र में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने की घटना में कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार दोपहर सुरंग ढहने के बाद बचाव दल ने 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत एवं बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा और आज भी जारी है। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
नामची जिला प्रशासन को कल देर रात सूचना मिली थी कि सुरंग का हिस्सा ढहने से कई और श्रमिक सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं, जिसके बाद युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। आज तड़के मलबे से कई शव निकाले गए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर घटना के बारे में जानकारी ली और राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), जिला प्रशासन, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपात सेवा, चिकित्सा दल तथा स्थानीय स्वयंसेवक शामिल हैं। पाकयोंग और सिलीगुड़ी से विशेष बचाव दल भी अभियान में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि वह बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
तमांग ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों की समर्पित सेवा और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अपुष्ट या भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने से बचने तथा प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
राज्य सरकार ने दोहराया कि वह राहत एवं बचाव अभियान को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है तथा प्रभावित परिवारों को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, गंगटोक स्थित एसटीएनएम अस्पताल और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है।
एनएचपीसी लिमिटेड की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के महाप्रबंधक के अनुसार हादसे के समय एडिट-3 सुरंग के भीतर परियोजना अधिकारियों सहित कुल 25 लोग फंसे हुए थे। सुरंग में अभी भी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरंग ढहने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए निर्माण कंपनी, एनएचपीसी और सिक्किम सरकार ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है।



