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Republic Day celebrated peacefully in Jammu and Kashmir despite security concerns being raised earlier
जम्मू/श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर की शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन राजधानियों में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया। जम्मू शहर के मौलाना आजाद स्टेडियम में मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम व औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इसमें राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने तिरंगा फहराया और भव्य परेड की सलामी ली।
मुंबई। अभिनेत्री प्राची तेहलान टेलीविजन धारावाहिक ‘इक्यावन’ के शादी सीक्वेंस को लेकर बहुत उत्साहित हैं। टेलीविजन चैनल स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक में वह सुशील पारेख की भूमिका में हैं, जिसका व्यवहार लड़कियों जैसा नहीं है।
Kim Kardashian shoots down reports of baby number 4
लॉस एंजेलिस। रियलिटी टीवी स्टार किम कर्दशियां एक और बच्चे को जन्म देने के बारे में विचार कर रही हैं। एक सूत्र ने ‘पीपुल्स डॉट कॉम’ को बताया कि शिकागो के जन्म से पहले किम ने अगले बच्चे के लिए सेरोगेट के बारे बात की।
श्रीनगर। श्रीनगर में कथित तौर पर एक महिला आत्मघाती हमलावर को उसके एक सहयोगी के गिरफ्तार किया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने मीडिया को बताया कि महिला की पहचान सादिया अनवर शेख (18) के रूप में हुई है। वह पुणे से है। महिला को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ जारी है।
Celebration of Republic Day despite the boycott of ULFA in Assam
गुवाहाटी : असम में गणतंत्र दिवस के उल्फा के बहिष्कार और दो कम तीव्रता के विस्फोटों के बावजूद राज्य में शुक्रवार को 69वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हालांकि, विस्फोट में किसी तरह के जान एवं माल की हानि की खबर नहीं है।
पहला बम विस्फोट जगुन में हुआ, जबकि दूसरा तिनसुकिया जिले के लेडो में हुआ।
उल्फा ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस समारोह का बहिष्कार करने का आह्वान किया था।
असम के राज्यपाल जगदीश मुखी खानापारा के वेटरिनरी कॉलेज के मैदान में तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के मौके पर भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टरने फूलों की पंखुड़ियां बरसाई।
इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद थे।
EDUCATION: Achieving a habit of taking risks in job EDUCATION: Achieving a habit of taking risks in job
पढ़ाई के बाद हम अपनी मनपसंद जॉब तो तलाश लेते हैं लेकिन लंबे समय तक एक ही जॉब में रहने से हमारे अंदर की क्षमताएं खत्म होने लगती हैं। सही कोर्स से लेकर सही जॉब का चुनाव हमेशा एक चुनौतीपूर्ण काम बना रहता है। अगर आप अपने काम से खुश नहीं हैं तो इन टिप्स को अपना कर जॉब की मुश्किलों से निजात पा सकते हैं..
-आप जीवन में जो कुछ भी करना चाहते हैं उसके लिए गोल सेट करें। आपको पता होना चाहिए कि आप अपने करियर से क्या चाहते हैं। अपने लक्ष्य के लिए अपने मेंटर या अपने किसी शुभचिंतक से बात भी कर सकते हैं।
-इस दुनिया का सबसे मुश्किल काम ईमानदार प्रतिक्रिया सुनना और उन पर विचार करना है। यह हमेशा सकारात्मक नहीं हो सकती। इसलिए आप सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रतिक्रिया का स्वागत करें।
-हर किसी की एक जिम्मेदारी होती है लेकिन जो लोग अपने काम का निर्धारण अपनी उपलब्धियों और उनके परिणामों के आधार पर करते हैं वो दूसरों से हमेशा ही बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
-ऑफिस में आपका बॉस अगर आपको किसी ऐसे प्रॉजेक्ट के लिए अप्रोच करता है जो आपके निर्धारित लक्ष्यों के समरूप हो तो पीछे न हटें। अपनी मैनेजमेंट टीम पर यह प्रभाव डालें कि आप कुछ नया सीखना चाहते हैं।
-अगर आप जोखिम नहीं उठाते हैं तो आप लंबे समय तक अपने काम को दिलचस्प नहीं बनाए रख सकते। ऐसे में करियर को दिलचस्प बनाए रखने के लिए पर्याप्त जोखिम लें। रिस्क न लेना आपको एक सेफ जोन में डाल देता है, जिससे बाद में जॉब में बहुत ज्यादा तरक्की करने की उम्मीदें खत्म हो जाती हैं।
– एक्सपीरियंस के बाद आगे के बारे में कुछ स्पष्टता मिल जाती है कि आपका अगला कदम क्या होगा। वर्तमान काम के साथ-साथ अपने अगले कदम के बारे में सोचना शुरू करें।
देहरादून : उत्तराखंड में दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग पर शुक्रवार को एक वाहन के यमुना नदी में गिर जाने से चार लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना उस समय हुई जब हिमाचल प्रदेश के पंजीकृत वाहन का चालक विकास नगर से नौगांव जा रहा था, उसने चामी के पास वाहन से नियंत्रण खो दिया। वाहन नदी में सैकड़ों फीट नीचे गिर गया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस और नागरिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद बर्फीले पानी से शवों को निकाला।
मृतकों की पहचान जावेद (55), इमरान (45), शाहिद (47) और तोंजो (44) के रूप में हुई है। सभी देहरादून के विकास नगर के रहने वाले थे।
जम्मू एवं कश्मीर : सड़क दुर्घटना में 2 की मौत, 26 घायल
जम्मू | जम्मू एवं कश्मीर के डोडा जिले में एक मिनी बस के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, हालारान गांव से डोडा जिले के कारा गनदोह जाने वाली एक मिनी बस के चालक ने बस से अपना नियंत्रण खो दिया और बस गहरी खाई में गिर गई। घटना में दो लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में पहुंचाने के लिए बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
BSF refuses to exchange sweets with Pakistani Rangers over ceasefire violations
अटारी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल ने शुक्रवार को पकिस्तानी रेंजर्स को शुभकामनाएं देने और मिठाइयों को आदान-प्रदान करने से इनकार कर दिया। जम्मू एवं कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बार-बार संघर्षविराम उल्लंघन से भारत के कई जवान शहीद हुए हैं और स्थानीय नागरिक भी मारे गए हैं।
पटना : विश्व प्रसिद्ध बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य और पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित परमहंस स्वामी निरंजनानंद का कहना है कि योग एक विज्ञान है, जीवन जीने की पद्धति है, इसे सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि योग का लक्ष्य आत्म साक्षात्कार है।
विश्वस्तर पर योग के प्रचार-प्रसार से जुड़े स्वामी निरंजनानंद ने योग के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या करते हुए कहा कि योग एक विज्ञान है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में योग की जो पद्धतियां हैं, उसमें सिर्फ कुछ एक पहलू को लेकर ही विभिन्न योग के संस्थान उसकी शिक्षा दे रहे हैं।
पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित निरंजनानंद के साथ विशेष बातचीत में कहा कि वर्ष 2018 योग विद्या का निर्णायक वर्ष है। इस लिहाज से कई कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिससे समाज की चेतना में परिवर्तन आ सके।
उन्होंने कहा, “आसन-प्राणायाम योग के छोटे अंग हैं। योगशास्त्र, दर्शन, धर्म, साधु-संत सभी कहते हैं कि योग का लक्ष्य आत्म साक्षात्कार है।”
बकौल निरंजनानंद, “बिहार की धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया, लेकिन लोगों को बौद्धित्व की शिक्षा नहीं दी। उन्होंने अहिंसा का संदेश दिया। इसी तरह जैन र्तीथकर ने भी त्यागमय जीवन की अपेक्षा अच्छे आचरण का ही संदेश दिया। इसी तरह योग का लक्ष्य और उसकी पूर्णाहुति सदाचारवृत्ति में है।”
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में आयोजित विश्व योग सम्मेलन के दौरान ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि योग के प्रचार का समय खत्म हो गया है। उसके बाद शीघ्र ही योग को विश्व स्तर पर मान्यता मिली। उसी समय से भावी कार्यक्रम तय किए गए थे। इस कार्यक्रम के तहत इस साल जनवरी से लेकर जुलाई के बीच देश के 350 जगहों पर योग शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे से हो गई है।
योग विद्यालय की योजनाओं के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि बिहार योग विद्यालय मुंगेर में जल्द ही वृद्धों के लिए ‘ओल्ड एज होम सेंटर’ खोलेगा, जिसमें हृदय रोग के साथ-साथ अन्य रोगों के आधुनिकतम चिकित्सा के साधन भी सुलभ होंगे। इसके लिए योग विद्यालय जमीन की तलाश कर रही है।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में योग शिक्षकों की संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वर्तमान योग की शिक्षा के विषय में उन्हें जानकारी दी जाएगी। वह कहते हैं कि जल्द ही बच्चों के लिए एक ‘वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम’ करने की भी योजना बनाई गई है।
14 फरवरी, 1960 को मध्य प्रदेश (अब छत्तीसगढ़ राज्य) के राजनंद गांव में जन्मे निरंजनानंद सरस्वती दीक्षा और आध्यात्मिक के विषय में कहते हैं कि आध्यात्मिक जीवन और दीक्षा की मूल शर्त प्रतिबद्घता और संकल्प शक्ति है। इसके बिना इस मार्ग पर चलना मुमकिन नहीं है।
स्वामी निरंजनानंद सरस्वती कहना है कि संकल्प के बिना कोई कार्य पूर्ण नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि लघुकालीन संकल्प कम समय के लिए होते हैं, लेकिन दीर्घकालीन संकल्प लंबे समय के लिए होते हैं और दीर्घकालीन संकल्प के माध्यम से बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
विश्व के अधिकांश भाषा के जानकार स्वामी निरंजनानंद ने भारतीय परंपरा के विषय में पूछने पर कहते हैं कि भारतीय परंपरा में श्रद्धा, विश्वास को जिंदा रखना ही जीवन की श्रेष्ठता है। विश्वास और आस्था यदि है तो ईश्वर अ²श्य होते हुए भी ²श्य है और ईश्वर सत्य है। निराशा में भगवान की भक्ति नहीं होती।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “शराब की पार्टी से तो बेहतर है कि हम अध्यात्म का मार्ग अपना कर ईश्वर के शरण में जाएं।”
उन्होंने मुंगेर के बिहार स्कूल आफ योगा की चर्चा करते हुए कहा कि यह विद्यालय योग के व्यावहारिक पहलू का प्रचार करता आया है और इसी की शिक्षा देता है।
स्वामी निरंजनानंद सरस्वती योग विद्यालय के संस्थापक स्वामी सत्यानंद सरस्वती के शिष्य और उत्तराधिकारी हैं। स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने सत्यानंद योग का प्रवर्तन किया था। स्वामी सत्यानंद ने वर्ष 1988 में संपूर्ण विश्व के सत्यानंद योग से संबंधित कार्यो के समन्वय का कार्य स्वामी निरंजनानंद को सौंप दिया था। स्वामी निरंजनानंद को उनके शिष्य उन्हें आजन्म योगी मानते हैं।
स्वामी निरंजनानंद सरस्वती कभी किसी स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण नहीं की। उन्हें चार वर्ष की आयु में सत्यानंद सरस्वती मुंगेर आश्रम ले आए थे और उन्हें योग की दीक्षा दी थी।
India had won the victory by bribing a coin at the time of partition, the presidential baggy
नई दिल्ली: आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान में भूमि से लेकर कई चीजों का बंटवारा हुआ| इसमें से एक ‘गवर्नर जनरल्स बॉडीगार्ड्स’ रेजीमेंट भी थी| इस रेजीमेंट का बंटवारा 2:1 के अनुपात में शांतिपूर्वक हो गया| लेकिन रेजिमेंट की मशहूर बग्घी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बन पाई| इस खास बग्घी को दोनों ही देश अपने पास रखना चाहते थे| तत्कालीन ‘गवर्नर जनरल्स बॉडीगार्ड्स’ के कमांडेंट और उनके डिप्टी ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक सिक्के का सहारा लिया| गवर्नर जनरल्स बॉडीगार्ड्स ने दोनों पक्षों को आमने-सामने लाकर उनके बीच सिक्का उछाला, जिसमें भारत टॉस जीत गया| इसी के साथ आज राष्ट्रपति की शान माने जाने वाली बग्घी भारत की हो गई|
साल 1950 में जब पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया तब देश के पहले राष्ट्रपति डॉ| राजेंद्र प्रसाद इसी बग्घी में बैठकर समारोह तक गए थे| इस बग्घी में राष्ट्रपति के आने की परंपरा कई सालों तक चलती रही, लेकिन इंदिरा गांधी हत्याकांड के बाद सुरक्षा कारणों से इस परंपरा को रोक दिया गया| इसके बाद से राष्ट्रपति बुलेट प्रूफ गाड़ी में आने लगे| राष्ट्रपति के बुलेट प्रूफ गाड़ी में आने की रीत को साल 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बदल दिया| करीब 20 साल बाद वे बग्घी में बैठकर 29 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट में शामिल होने पहुंचे|