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JAMMU AND KASHMIR: Two killed, 26 injured in road accidents
जम्मू | जम्मू एवं कश्मीर के डोडा जिले में एक मिनी बस के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, हालारान गांव से डोडा जिले के कारा गनदोह जाने वाली एक मिनी बस के चालक ने बस से अपना नियंत्रण खो दिया और बस गहरी खाई में गिर गई। घटना में दो लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में पहुंचाने के लिए बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
जयपुर| श्री राजपूत करणी सेना ने ‘पद्मावत’ के विरोध में हरियाणा के गुरुग्राम में स्कूल बस पर पथराव में अपनी भूमिका से गुरुवार को इनकार किया। करणी सेना के प्रवक्ता विजेंद्र सिंह ने कहा, “राजपूत कभी भी स्कूल बस पर हमला करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यह राजनेताओं की साजिश है, जो हमारे शांतिपूर्ण विरोध को कमजोर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, हमारा इतिहास सामने से नेतृत्व करने का रहा है। जिन्होंने पथराव किया, उन्हें कोई नहीं पहचानता और इसके लिए करणी सेना को दोषी ठहराया जा रहा है। क्या इस तात्कालिक धारणा का कोई तर्क है? उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से, हमने शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान किया। हमने आज (गुरुवार) भी शांतिपूर्ण कर्फ्यू का आह्वाहन किया है।
उन्होंने कहा, हम उन सिनेमा हॉल के मालिकों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारी भावनाएं समझी और फिल्म नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, राजपूत निर्दोष लोगों के साथ हिंसा में कभी भी शामिल नहीं हो सकते। वे कभी भी पथराव नहीं सकते। हम इस तरह के किसी भी प्रकरण में अपनी भूमिका से इनकार करते हैं।
करणी सेना संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ कट्टर विरोध प्रदर्शन कर रही है। उनका कहना है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है।
मुंबई| फरहान अख्तर, सुधीर मिश्रा और विशाल डडलानी जैसी बॉलीवुड हस्तियों ने बच्चों और स्टाफ को ले जा रही एक स्कूल बस पर श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकताओं द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकवादी करतूत तक करार दे डाला। गुरुग्राम में बच्चों और स्टाफ को ले जा रही एक स्कूल बस पर पत्थर भी फेंका गया। हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
फरहान अख्तर : स्कूल बस पर हमला करना आंदोलन नहीं है। यह आतंकवाद है। जिन लोगों ने यह किया वे आतंकवादी हैं। कृपया उनको यही कहें।
प्रकाश राज : करणी सेना ने एक स्कूल बस पर हमला किया, मेरे देश के बच्चे भय से कांप रहे हैं और रो रहे हैं। निर्वाचित सरकार मुंह फेरे हुए है। विपक्षी पार्टियां कूटनीतिक रूप से प्रतिक्रिया दे रही हैं..क्या आप सबको हमारे बच्चों की सुरक्षा की ताक पर अपनी वोट बैंक की राजनीति करने पर शर्मिदगी नहीं महसूस हो रही।
सुधीर मिश्रा : इन दिनों कोई भी कृत्य चाहे वह परोपकारी हो नफरत भरा, निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को खुश करने के लिए किया जाता है। मैं यह जानना चाहता हूं कि वे कौन लोग हैं जो बच्चों के ऊपर हमले का समर्थन करते हैं।
विशाल डडलानी : प्रिय नरेंद्र मोदी जी। आज ही भाजपा सरकार के नेतृत्व वाले एक राज्य में स्कूली बच्चों से भरी बस पर गुंडों ने हमला किया। यह ‘बहस’ नंवबर से हो रही है। चार राज्यों में आपकी सरकार अपराधियों के एक झुंड को काबू करने में विफल रही है। क्या कम से कम आप उन लोगों की सार्वजनिक रूप से निंदा करेंगे?
अनुभव सिन्हा : प्रिय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, हम आपकी चुप्पी से उतना ही हैरान हैं, जितनी औरों के चुप्पी साधने से। एक बढ़िया विपक्षी पार्टी को इंसाफ के लिए सड़कों पर होना चाहिए। आप इस अराजकता के लिए उतने ही जिम्मेदार हैं जितना कोई और।
राज कुंद्रा : हम खुद को प्रगतिशील भारत कहते हैं? इस खबर से नफरत हो गई हैं। मैं व्यक्तिगत तौर पर अपराधियों को फांसी पर लटका दूंगा। अतीत के सम्मान की रक्षा के लिए तुम अपना वर्तमान और भविष्य बर्बाद कर रहे हो और बच्चों से भरी बस पर हमला कर रहे हो? कोई भी सच्चा राजपूत ऐसे जघन्य काम नहीं करेगा। शर्म आती है तुम पर।
शिरीश कुंदेर : जो बची-खुची इज्जत बची थी, वह भी बच्चों के स्कूल बस पर हमला करने से चली गई।
नई दिल्ली| सर्च इंजन गूगल ने अपने डूडल के जरिए जानी-मानी उपन्यासकार वर्जीनिया वुल्फ को उनकी 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। लेखिका ने अपनी लेखन शैली में ‘चेतना के प्रवाह’ के दृष्टिकोण को इस्तेमाल में लाने की कोशिश की, जिसके चलते उन्होंने अपने उपन्यास के किरदारों के जीवन की आंतरिक जटिलता को दर्शाया। लंदन के रहने वाले चित्रकार लुईस पोमेरॉय ने डूडल का निर्माण किया, जिसके बारे में गूगल ने कहा कि यह उनकी बेहद न्यून शैली को दर्शाती है। वुल्फ की काल्पनिक कहानियों ने हमें दिखाया है कि किसी व्यक्ति का आंतरिक जीवन किसी कथानक की तरह ही जटिल व अजीब होता है।
20वीं सदी की प्रमुख उपन्यासकारों में से एक वर्जीनिया का जन्म 1882 में लंदन में हुआ था। वुल्फ ने 1921 में एक डायरी प्रविष्टि में इस बात का जिक्र किया कि कैसे परिवार के साथ मनाई गई छुट्टियों की यादें और चारों तरफ के परिदृश्यों, खासकर गॉडरेवी लाइटहाउस ने बाद के सालों में उनकी काल्पनिक कहानियों पर अपना असर डाला।
वुल्फ ने तकनीकी रूप से अपनी लेखन शैली में चेतना के प्रवाह को बखूबी स्पष्ट करते हुए लिखा था, कॉर्नवल के प्रति मैं अविश्वसनीय रूप से इतनी रोमांटिक क्यों हूं? किसी एक के अतीत में, ऐसा लगता है कि मैं बच्चों को बगीचे में इधर-उधर भागते देख रही हूं..रात में समुद्र के लहरों की ध्वनि..जीवन के लगभग 40 वर्षो तक..सब कुछ उसी पर आधारित है, पूरी तरह से उसी के प्रभाव में हूं..बहुत कुछ है, जिसे कभी खुलकर स्पष्ट नहीं कर सकी।
बचपन के दिनों में वुल्फ ने घर पर ही अंग्रेजी क्लासिक और विक्टोरियन साहित्य की ज्यादातर पढ़ाई की। उन्होंने 1900 में पेशेवर रूप से लिखना शुरू किया और लंदन के साहित्यिक समाज और ब्लूम्सबरी समूह की महत्वपूर्ण सदस्य बन गई। ‘टू द लाइटहाउस’ (1927) और ‘मिसेज डलोवे’ (1925) जैसे उपन्यासों ने उन्हें खूब लोकप्रियता दिलाई।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उनकी साहित्यिक प्रतिष्ठा में हालांकि थोड़ी गिरावट आई, लेकिन उनके कामों ने नए सिरे से प्रमुख मुद्दों खासकर 1970 के दशक के नारीवादी आंदोलन को प्रेरित किया। वुल्फ मानसिक बीमारी से भी जूझ रही थीं और 59 साल की उम्र में जीवन से निराश होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
28 मार्च 1941 को ससेक्स में अपने घर के पास की एक नदी में कूदकर वुल्फ ने आत्महत्या कर ली। उनका शव तीन सप्ताह तक नहीं मिला। उन्होंने अपने पति को संबोधित कर सुसाइड नोट में लिखा था, प्रिय, मुझे लग रहा है कि मैं फिर से पागल हो रही हूं। मुझे लगता है कि हम फिर से उन भयावह पलों से नहीं गुजर सकते और मैं इस बार ठीक नहीं हो सकती।
‘When Modi was inviting the world to come to India, Ahmedabad was burning’
नई दिल्ली| कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित कर रहे थे, उसी दिन अहमदाबाद में हिंदी फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध में उपद्रवी भीड़ हिंसा फैला रही थी। चिदंबरम ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट्स में कहा, जब प्रधानमंत्री वैश्विक व्यापारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे थे, उस समय अहमदाबाद में उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे।उन्होंने सरकार पर गुजरात के अहमदाबाद में मंगलवार रात भड़की हिंसा को लेकर निशाना साधा जिसमें संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोधियों ने अहमदाबाद में मॉल्स और थियेटर को निशाना बनाया था।
‘Padmavat’ not released in MP, Chief Minister discusses cinema owners
भोपाल | सर्वोच्च अदालत के निर्देश के बावजूद संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ गुरुवार को मध्य प्रदेश में रिलीज नहीं हो पाई है। वहीं, सिनेमाघर मालिक राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने के बाद कोई फैसला होने की बात कह रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में यह फिल्म गुरुवार को रिलीज हो गई लेकिन मध्य प्रदेश में यह रिलीज नहीं हो पाई है। सिनेमाघर मालिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सुरक्षा मांग रहे हैं। इसी मसले को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री और सिनेमाघर मालिकों के बीच चर्चा हो रही है। राज्य सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का रुख साफ है। वह फिल्म की रिलीज के पक्ष में नहीं है। सरकार सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पेटिशन दायर करेगी। अभी मुख्यमंत्री व सिनेमाघर मालिकों के बीच चर्चा हो रही है और इस पर फैसला जल्दी हो जाएगा।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से फिल्म को लेकर प्रदर्शन का दौर जारी है। कई स्थानों पर करणी सेना व अन्य संगठन फिल्म का विरोध कर रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री चौहान पहले से ही फिल्म प्रदर्शन के पक्ष में नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर कर राज्य सरकार ने फिल्म पर रोक का अनुरोध किया मगर सफलता नहीं मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म के रिलीज होने के निर्देश दिए, इस पर चौहान ने कहा कि सरकार रिव्यू पेटिशन दायर करेगी।
ज्ञात हो कि राजधानी में ज्योति टॉकीज के सामने बुधवार को करणी सेना और राजपूत समाज से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन करते हुए एक कार में भी आग लगा दी थी। वहीं, करणी सेना ने सिनेमाघर मालिकों को फिल्म के प्रदर्शन पर बुरे परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी है।
PTM will be given pre-board report to all parents on 27th January
नई दिल्ली | क्लास 9 से 12वीं के स्टूडेंट्स को एग्जाम की तैयारी करवाने के मकसद से दिल्ली सरकार सभी सरकारी स्कूलों में 27 जनवरी को पैरंट्स टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) करवाएगी। बोर्ड परीक्षा से पहले प्री-बोर्ड व अन्य टेस्ट में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की पूरी रिपोर्ट अभिभावकों को दी जाएगी। बोर्ड की परीक्षा में कैसे छात्रों का प्रदर्शन सुधारा जा सकता है इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही अभिभावक कैसे बच्चों की तैयारी में मददगार साबित हो सकते हैं, इसके टिप्स दिए जाएंगे। साथ ही, स्टूडेंट्स को क्वेश्चन पेपर्स की प्रैक्टिस करवाई गई। निजी स्कूलों में होने वाली पीटीएम की तर्ज पर यह पहल शुरू की गई है।
सरकार का मानना है कि क्लास 9 से 12 में एग्जाम पैटर्न में हुए बदलावों के बाद बच्चों और पैरंट्स दोनों को एक्स्ट्रा गाइडेंस देने की जरूरत है। सुबह की पाली में सुबह आठ से दोपहर 2 बजे तक व शाम की पाली में दोपहर दो से शाम 6 बजे तक पीटीएम होगी। इस दौरान नर्सरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगेंगी जबकि छठी, सातवीं व आठवीं की छुट्टी रहेगी। 24 फरवरी तक दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह पीटीएम को लेकर घर पर लिखित में सूचना भेजी जाए। साथ ही बड़े पैमाने पर पीटीएम में शामिल होने के लिए संदेश भेजे जाए। घर के लिए छात्रों का टाइम टेबल बनाने में मदद करें।
OMG! In this village the patient is treated with kick-ins.
आज तक आप सभी ने बहुत से अलग-अलग तरह के इलाज होते हुए देखे होंगे लेकिन आज हम आपको जिस इलाज के बारे में बता रहे है उसके बारे में सुनकर आप भी चौक जाएंगे| क्या आपने कभी किसी मरीज को लातघूसे खाकर ठीक होते हुए देखा है | आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बता रहे है जहा मरीजों का इलाज लात और घुसे मारकर किया जाता है| छत्तीसगढ़ के लाड़ेर गांव में बीमार मरीजों को लात-घुसे मारकर ठीक किया जाता है| इस गांव में मनसाराम नाम का एक ऐसा शख्स रहता है जो जिसके पास लात-घुसे खाने वाले मरीजों की लम्बी लाइन लगी रहती है|
मनसाराम अपना क्लिनिक एक पेड़ के नीचे लगाते है और हर रोज उनके पास लातघूसे खाने के लिए हजारो लोगो की भीड़ रहती है| मनसाराम खूब जोर से लातघूसे मारकर मरीजों का इलाज करता है और कई बार तो वो थप्पड़ भी मार देता है| मरीज भी मनसाराम के लातघूसे खाने पर चु तक नहीं करते है उल्टा उनकी तारीफ करते है| मंसाराम का कहना है कि कुछ सालो पहले उनके सपने में देवी माँ आई थी और कहा था कि, ‘तेरे हाथ पैरों में दैवीय शक्ति है और तू लात घूंसों से जनता के दुख कम कर|
Beginning of 2018 with amazingness! The teaser of the film on the biography of Param Vir Chakra, Subedar Joginder Singh,
परम वीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिन्दर सिंह की जीवनी पर बन रही फिल्म का टीजर हर भारतीय को गौरवान्वित कर देने वाला हैं ! सागा म्यूजिक एवम यूनिसिस इन्फोसोल्युश्न्स के साथ सैवन कलर्स मोशन पिक्चर्स रिलीज करने जा रहा हैं परम वीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिन्दर सिंह की जीवनी का टीजर, यह देश की पहली ऐसी जीवनी हैं जो किसी परम वीर चक्र विजेता पर बनी है एवम पंजाबी के अलावा तीन भाषाओं, हिंदी, तमिल और तेलगु में रिलीज होगी, यह फिल्म बहु-अदाकार फिल्म है, इस आज के जमाने के नए अदाकारों के साथ मुख्य भूमिका में नजर आएंगे गिप्पी ग्रेवाल, गुग्गु गिल, कुलविंदर बिल्ला, अदिति शर्मा, राजवीर जवंदा, रोशन प्रिंस, करमजीतअनमोल, सरदारसोही, लवलीन कौर सैसन, जॉर्डन संधू। इस फिल्म की रिलीज 2018 ग्रीष्म ऋतु के समय निर्धारित की गई हैं।
शादी… नाम सुनते ही लड़कियों के दिमाग में बस दो ही चीज़े आती है एक तो लड़के वालो के सामने तैयार होकर चाय लेकर जाना और दूसरा उनके ढेरो सवालो का हंसकर जवाब देना. शादी नाम का डर सबसे ज्यादा लड़कियों के मन में होता है. जब लड़के वाले लड़की को देखने आते है उस दिन लड़की के इम्तेहान का दिन होता है. लड़के वाले लड़की को देखने नहीं बल्कि उसका टेस्ट लेने आते है. लड़की से ढेरो सवाल किये जाते है. कई सारे अजीबो-गरीब सवाल किये जाते है. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही अजीब सवाल लेकर आए है जो लड़के के घरवाले लड़कियों से पूछते है-