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अमरनाथ में सेना का बचाव अभियान जारी, अजमेर के यात्री सकुशल लौटे

अजमेर/श्रीनगर। सेना ने शनिवार को कहा कि वह बादल फटने से घायल अमरनाथ यात्रियों के लिए बचाव अभियान लगातार चला रही है। पवित्र गुफा के पास शुक्रवार को अचानक बादल फटने से बाढ़ आ गई और कम से कम 15 यात्रियों की मौत हो गई और 63 अन्य घायल हो गए।

अजमेर के अमरनाथ यात्री सकुशल लौटे

अजमेर से सपरिवार अमरनाथ यात्रा पर गए पत्रकार सन्तोष खाचरियावास ने बताया कि उन्होंने 3 जुलाई की शाम बाबा बर्फानी के दर्शन किए और उसी रात गुफा के नीचे टेंट में विश्राम किया। इसके बाद 4 जुलाई को बालटाल उतरे और 5 जुलाई की सुबह 5 बजे श्रीनगर के लिए रवाना हो रहे थे, तभी खबर आई कि ऊपर तेज बारिश के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई है। यात्रा 5 और 6 को बाधित रही। इसके अगले दिन 7 जुलाई को यात्रा शुरू हुई कि 8 को यह आपदा टूट पड़ी।

खाचरियावास ने बताया कि जब बादल फटा तब वे ट्रेन से जम्मू से अजमेर लौटने के लिए स्टेशन पर पहुंच चुके थे। यह बाबा का ही आशीर्वाद रहा कि उनकी यात्रा सकुशल सम्पन्न हुई। पहलगाम से चढ़कर बालटाल होकर उतरे लेकिन एक बार भी दिन में बारिश नहीं हुई।

शेषनाग और बालटाल में रात बिताते समय हल्की बारिश के अलावा कोई समस्या नहीं हुई। पूरे यात्रा मार्ग में तेज गर्मी, धूल मिट्टी, ठंडी हवाओं और सनबर्न से भले ही जूझना पड़ा लेकिन भोलेनाथ के आशीर्वाद से कोई अनहोनी नहीं हुई। उन्होंने शेष यात्रियों की पवित्र यात्रा कुशल मंगल सम्पन्न होने की प्रार्थना की है।

इसी तरह 2 जुलाई को बालटाल के रास्ते अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए अजमेर के श्रद्धालू सकुशल लौट आए हैं।अजमेर निवासी राजेश माथुर पुत्र महेश नारायण, राजेंदर सिंह पुत्र इंदरसिंह, प्रकाश शर्मा पुत्र नानकचंद शर्मा, विकास जैन पुत्र धर्मचंद जैन, निरंजन कुमार भी सकुशल अजमेर लौट आए हैं।

बचाव अभियान अब भी जारी, आर्मी ने ताकत झोंकी

श्रीनगर स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल इमरोन मुसावी ने कहा कि हताहतों की सूचना मिलने पर बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्नल के नेतृत्व में एक इन्फैंट्री बटालियन, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के साथ, सेक्टर आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) के कर्मियों की एक अतिरिक्त कंपनी और विशेष बलों की एक टीम बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष बचाव उपकरणों के साथ पवित्र गुफा पहुंची।

प्रवक्ता ने कहा कि रात के दौरान, कमांडर सेक्टर आरआर और कमांडिंग ऑफिसर इन्फैंट्री बटालियन ने पवित्र गुफा तथा नीलगर से बचाव कार्यों का निरीक्षण और समन्वय किया। उन्होंने कहा कि खोज अभियान के लिए एचएचटीआई, एनवीडी और अन्य नाइट साइट्स के साथ नौ निगरानी टुकड़ियों को भी तैनात किया गया था।

तलाशी के लिए हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर्स, नाइट विजन डिवाइसेस और अन्य नाइट साइट्स का इस्तेमाल किया गया। दो एएलएच (उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर) को पवित्र गुफा में हताहतों की निकासी के लिए ले जाया गया, हालांकि खराब मौसम की स्थिति के कारण गुफा में रात की लैंडिंग असफल रही। दो थ्रू वॉल रडार और दो सर्च एंड रेस्क्यू डॉग स्क्वॉड को भी बचाव अभियान के लिए पवित्र गुफा में भेजा गया है।

खोज, बचाव और चिकित्सा के प्रयास दिन के अंतराल में जारी रहे। सुबह 6.45 बजे पहला एएलएच घायलों को निकालने के लिए स्थल पर उतरा। सेना और नागरिक दोनों के हेलीकॉप्टर घायलों तथा मृतकों को निकालने के लिए लगातार उड़ान भर रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि पवित्र गुफा से 15 शवों को नीलागर ले जाया गया है। फंसे हुए यात्रियों को भारतीय सेना के जवान बालटाल तक ले जा रहे हैं, क्योंकि ट्रैक कीचड़ भरा और फिसलन भरा है। इसके साथ ही, संगम स्थित अमरनाथ नार में भी किसी भी संभावित हताहत की तलाश शुरू कर दी गई है।

लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला, चिनार कॉर्प्स कमांडर और मेजर जनरल संजीव सिंह स्लारिया, जीओसी किलो फोर्स ने भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे बचाव और चिकित्सा प्रयासों की समीक्षा करने के लिए सुबह-सुबह पवित्र गुफा का दौरा किया। जीओसी चिनार कोर ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और भारतीय सेना से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहायता/पूछताछ के लिए सेना के हेल्पलाइन नंबर +91 9149720998 पर संपर्क करने की सलाह दी जाती है। कॉल करने वालों को नाम, यात्रा पंजीकरण/आरएफआईडी नंबर, संपर्क नंबर, आधार नंबर और अंतिम ज्ञात स्थान तथा समय जैसे यात्रियों का विवरण रखने की भी सलाह दी गई है।

सेना ने कहा है कि भारतीय सेना हर संभव तरीके से और सभी परिस्थितियों में यात्रियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उसने कहा कि बचाव और चिकित्सा के प्रयास दिन भर जारी रहेंगे और जनता की सामान्य जानकारी के लिए विवरण अपडेट किया जाएगा।

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे इस्तीफा देने के लिए तैयार : रिपोर्ट

कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने शनिवार को संकेत दिया कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया था, हालांकि वह वहां से निकल गए थे।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई पार्टी नेताओं की बैठक में लिए गए किसी भी निर्णय का वह सम्मान करेंगे। राष्ट्रपति कहां है इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि वह किसी सैन्य इकाई के साथ हैं।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो में देखा गया कि कुछ अज्ञात व्यक्ति नौसैनिक जहाज पर सवार होकर कहीं जा रहे हैं, माना जा रहा है कि वह राष्ट्रपति हो सकते हैं।श्रीलंकाई मीडिया ने कहा कि नौसेना ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया। देश में 1948 के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट के कारण बड़े पैमाने पर विद्रोह हो रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करने से रोकने के दौरान करीब 24 लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। बाहर तैनात सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को रोकने में असफल रहे। जब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुसे तो राष्ट्रपति मौजूद नहीं थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय पर कब्जा जमा लिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारी ने श्रीलंका के झंडे लहराए और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की सरकार की निंदा करते हुए नारे लगाए। इसी बीच, प्रधानमंत्री ने पार्टी नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई है और अध्यक्ष से बिना किसी और देरी के संसद को बुलाने के लिए कहा है।

विपक्षी और अन्य लोगों के समूहों ने राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग करने के लिए शनिवार और रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। राष्ट्रपति को अपने भाइयों के साथ श्रीलंका को आर्थिक संकट में डालने के लिए दोषी माना जा रहा है। देश में आर्थिक संकट से भोजन, ईंधन और दवाओं सहित आवश्यक समानों की व्यापक कमी हो गई है।

प्रदर्शनकारी श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन में घुसे

संजय राउत ने दिल्ली दौरे को लेकर की एकनाथ शिंदे की खिंचाई

मुंबई। शिवसेना नेता एवं सांसद संजय राउत ने राष्ट्रीय राजधानी के दो दिवसीय दौरे के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तीखी आलोचना की है और चुटकी लेते हुए कहा है कि शिवसेना का आलाकमान दिल्ली में नहीं बल्कि मुंबई के मातोश्री में है।

राउत ने मीडिया से कहा कि लोगों को नए मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें हैं। कर्नाटक सीमा क्षेत्र से मराठी लोगों के खिलाफ अत्याचार के बारे में खबरें आ रही हैं। उन्होंने शिंदे से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इस मुद्दे को उठाने की मांग की क्योंकि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी का शासन है।

एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे पर संजय राउत ने कहा कि शिवसेना आलाकमान मुंबई में है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के मुख्यमंत्री कभी दिल्ली नहीं जाते। वह वहां पहले कभी नहीं गए। उन्होंने कहा कि बेलगाम के एक स्थानीय प्रतिनिधिमंडल ने मुझसे मुलाकात की और कहा कि वहां स्थिति गंभीर है।

संजय राउत ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि महाविकास अघाड़ी के नेतृत्व वाली ठाकरे सरकार के जाने के बाद परेशानी शुरू हुई।

जयपुर में युवक ने माॅल की तीसरी मंजिल से कूद कर की आत्महत्या

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में झोटवाड़ा क्षेत्र में एक युवक ने आज सुबह ट्राइटन मॉल की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के अनुसार यह युवक दौड़ते हुए आया और तीसरी मंजिल की रैलिंग से छलांग लगा दी और नीचे गिरते ही उसने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया।

मृतक की पहचान झोटवाड़ा क्षेत्र का रोहित जैन के रूम में की गई है जो बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके आत्महत्या करने के कारणों के बारे में अभी कोई पता नहीं चल पाया हैं और न ही मौके पर कोई सुसाइड नोट मिला है।

बुजुर्ग का अर्धनग्न हालत में शव बरामद

धौलपुर में राजाखेड़ा थाना क्षेत्र के बीहड़ों में पुलिस ने आज अर्धनग्न हालत में एक अज्ञात बुजुर्ग का शव बरामद किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने अर्धनग्न हालत में बुजुर्ग का शव के बारे में आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की लेकिन बुजुर्ग की पहचान नहीं हो पाई।

पुलिस ने शव को राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह परिहार अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। बताया गया कि शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने धौलपुर जिले के सभी थानों के साथ ही सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पुलिस थाना में भी मृतक की फोटो भेजी गई है।

मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना का निधन, योगी ने जताया शोक

नई दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव का शनिवार को निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक सहित अन्य नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।

शोकसंतप्त परिवार की ओर से निधन की पुष्टि करते हुए बताया गया कि वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां आज उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली से लखनऊ लाया जा रहा है।

सपा के आधिकारिक ट्विटर हेंडिल से साधना यादव के निधन की जानकारी देते हुए बताया गया कि समाजवादी पार्टी के संरक्षक आदरणीय नेता जी मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना यादव जी का आज शनिवार को गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया है।

उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए पार्टी की ओर से एक अन्य ट्वीट में कहा गया कि समाजवादी पार्टी के संरक्षक आदरणीय नेता जी की पत्नी साधना यादव जी की मृत्यु, अत्यंत दुःखद। भावपूर्ण श्रद्धांजलि। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस ट्वीट को रिट्वीट किया है।

योगी ने ट्वीट कर कहा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी की पत्नी साधना जी का निधन अत्यंत दु:खद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

मौर्य ने अपने शोक संदेश में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी की पत्नी साधना गुप्ता जी के निधन का दुखद समाचार मिला, प्रभू पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में जगह दें। आदरणीय मुलायम सिंह जी और परिजनों को ये दुख सहन करने की क्षमता दें। ॐ शांति शांति शांति।

गत विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाली साधना गुप्ता की पुत्रवधू अपर्णा बिष्ट यादव ने भी ट्वीट कर कहा कि निःशब्द हूं मैं। मेरी पूज्य सासू मां का निधन हो गया। ॐ शान्ति।

गौरतलब है कि मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद उन्होंने 2003 में साधना गुप्ता से दूसरी शादी की थी। गुप्ता की पहली शादी कारोबारी चंद्र प्रकाश गुप्ता से हुई थी और 1990 में तलाक के साथ ही यह शादी टूट गई थी।

पाठक ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जी की धर्मपत्नी साधना गुप्ता जी के निधन की दुःखद सूचना प्राप्त हुई। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि गोलोकवासी पुण्यात्मा को शांति व परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति शांति शांति।

प्रदर्शनकारी श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन में घुसे

कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी शनिवार को सुरक्षा कर्मियों के विरोध को धता बताते हुए राष्ट्रपति भवन में घुस गए। राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनकारियों के घुसने के दौरान सुरक्षा बलों से झड़प में बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े,पानी की बौछारें की और हवा में गोलियां चलायीं लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुस गए।

कुछ प्रदर्शनकारी चहारदीवारी फांदकर और अन्य मुख्य द्वार से राष्ट्रपति भवन में घुसे। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए तेजी से किलेनुमा भवन में घुस गए। डेरी मिरर और अन्य समाचार पत्रों की रिपोर्ट के अनुसार अभी यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि राष्ट्रपति इस घटना के समय कहां थे।

प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के त्यागपत्र देने और देश के पूर्वी भाग त्रिंकाेमाली के एक सैन्य शिविर में शरण लेने के एक माह बाद यह घटना हुई। एक बड़े कुनबे वाले राजपक्षे बंधुओं को श्रीलंका की बदहाल आर्थिक हालत के लिए दोषी ठहराया जा रहा है।

जयसूर्या ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन

श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने शनिवार को राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी देश को इस तरह एकजुट नहीं देखा।

जयसूर्या ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की। तस्वीर में राष्ट्रीय ध्वज पकड़े प्रदर्शनकारी दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा हूं। मैंने अपने पूरे जीवन में देश के एक असफल नेता को बाहर निकालने के लिए लोगों को इस तरह एकजुट होते हुए कभी नहीं देखा।

कन्हैयालाल हत्याकांड : उदयपुर में शनिवार को कर्फ्यू में 19 घंटे की ढील

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उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर में कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद उत्पन्न तनाव के बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगाये गये कर्फ्यू में शनिवार को 19 घंटे की ढील दी गई।

शहर के धानमंडी, घंटाघर, हाथीपोल, अंबामाता, सूरजपोल, सविना, भूपालपुरा, गोवर्धनविलास, हिरणमगरी, प्रतापनगर एवं सुखेर धानमंडी, घण्टाघर, अम्बामाता, हाथीपोल, सूरजपोल, भूपालपुरा एवं सवीना में आज सुबह चार बजे से रात्रि नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।

कर्फ्यू के बाद शहर में स्थिति सामान्य होती जा रहा है। कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्रों में सभी बाजार खुल गये है और जनजीवन सामान्य है।

इस बीच ईद उल अजहा को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय सीएलजी की बैठक आयोजित कर संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट और पुलिस महानिरीक्षक प्रफुल्ल कुमार ने दोनों समाज के प्रबुद्धजनों से शांति की अपील की।

बैठक में सीएलजी सदस्यों के साथ आने वाले समय में आयोजित होने वाले विभिन्न त्यौहारों और पर्वों पर कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई एवं सुझाव लिए गए। संभागीय आयुक्त ने बताया कि गत दो दिनों से निरंतर प्रशासन द्वारा आमजन से शांति व्यवस्था के मद्देनजर संवाद किया जा रहा है।

गौरतलब है कि गत 28 जून को उदयपुर शहर के धानमण्डी थाना क्षेत्र में धारदार हथियारों से कन्हैयालाल की हत्या कर देने के बाद उत्पन्न हालात के मद्देेनजर उस दिन रात आठ बजे से आगामी आदेश तक शहर के इन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

सरकार विरोधी रैली से पहले कोलंबो में लगा अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

कोलंबो। श्रीलंका में अधिकारियों ने देश की राजधानी कोलंबो में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पद से हटाने के लिए यह रैली प्रस्तावित है। विरोध से उत्पन्न होने वाली किसी भी परेशानी का मुकाबला करने के लिए श्रीलंका की सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि कोलंबो और उसके उपनगरों में दोपहर 3.30 बजे से अगली सूचना तक पूरी तरह कर्फ्यू लागू रहेगा और निवासियों से घर के अंदर रहने का आग्रह किया गया।

यह आदेश तब आया जब हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति राजपक्षे पर पद छोड़ने का दबाव बनाने के लिए शनिवार की रैली से पहले शुक्रवार को राजधानी में प्रवेश किया क्योंकि देश का आर्थिक संकट हर गुजरते दिन के साथ और भी बदतर होता जा रहा है।

द्वीप राष्ट्र आवश्यक वस्तुओं की अभूतपूर्व कमी से जूझ रहा है, और इसके 22 मिलियन लोगों ने वर्ष की शुरुआत से मुद्रास्फीति और लंबे समय तक ब्लैकआउट का सामना किया है। आर्थिक कुप्रबंधन के लिए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी महीनों से राजपक्षे के कोलंबो कार्यालय के बाहर डेरा डाले हुए हैं।

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 यात्रियों की मौत, 40 से अधिक लापता

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने से कम से कम 15 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 40 से अधिक लापता होने की सूचना है। हालांकि पुलिस ने अब तक इस घटना में केवल 13 मौतों की पुष्टि की है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घटना और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र हरसंभव मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल स्थिति पर बहुत करीब से नजर रखे हुए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि बादल अमरनाथ गुफा के बहुत नजदीक एक जगह पर फटा और यह तीर्थयात्रियों के टेंट आवास और सामुदायिक रसोई से जा टकराया। उन्होंने बताया कि बादल फटने से आई अचानक आई बाढ़ में कई तंबू बह गए, जिसमें अब तक कम से कम 15 यात्रियों की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं। तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अन्य लापता श्रद्धालुओं की तलाश जारी है साथ ही बचाव और राहत अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल हुए तीर्थयात्रियों को एयरलिफ्ट कर अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया।

पुलिस, सुरक्षा बलों और एनडीआरएफ की बचाव टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है। सेना के हेलीकॉप्टरों को भी सेवा में लगाया गया है। लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने के लिए सेना के खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है।

कश्मीर घाटी के कई राजनीतिक नेताओं ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है और अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है। एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बचाव दल लापता लोगों की तलाश के लिए एक-एक करके बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए 10-15 तंबुओं को साफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुफा के बाईं ओर की धारा अचानक बाढ़ के कारण पूरी तरह से गायब हो गई है।

तटीय केन्या में सड़क दुर्घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत

नैरोबी। केन्या के तटीय क्वाले काउंटी में शुक्रवार को एक व्यस्त राजमार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

तटवर्ती क्षेत्रीय पुलिस कमांडर टाइटस करुरी ने कहा कि दुर्घटना शाम छह बजे हुई, जिसमें स्थानीय रूप से मटाटू के नाम से जानी जाने वाली एक मिनीबस और तरु क्षेत्र में मोम्बासा-नैरोबी राजमार्ग के किनारे एक ट्रक शामिल था।

करुरी ने सिन्हुआ को फोन पर बताया कि घायलों की हालत खराब है, लेकिन हमें उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस कमांडर ने शंका जताई कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि प्रभावित मट्टू से बचाए गए लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस के अनुसार केन्या में लापरवाही से गाड़ी चलाने, खतरनाक ओवरटेक करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, शराब पीकर चलने और हेलमेट का उपयोग न करने के कारण घातक दुर्घटनाएं आम हैं। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा प्राधिकरण (एनटीएसए) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में 3,478 लोगों की मौत की तुलना में 2021 में विभिन्न दुर्घटनाओं में कुल 4,121 लोग मारे गए।