बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर बुधवार को दोपहर बाद एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन महिलाओं सहित चार व्यक्तियों की मौत हो गई।
यह परिवार कार द्वारा दोपहर में श्रीकरनपुर से बीकानेर के लिए रवाना हुआ था। बीकानेर में जीवनआशा के भाई की पोती के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रात वहां पर पार्टी का आयोजन रखा गया था। जीवनआशा अपनी पुत्र-पुत्रवधू और देवरानी के साथ पार्टी में शामिल होने के लिए बीकानेर जा रही थी।
लूणकरणसर में अपराह्न करीब पौने चार बजे विश्वकर्मा मार्केट के पास राजमार्ग के किनारे खड़े डंफर में पीछे से कार बड़ी तेज गति से टकराई। इससे संदीप शारदा (25), उसकी मां जीवन आशा (65), चाची सुषमा शारदा (62) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि संदीप शारदा की पत्नी श्रुतिका (24) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कार में ये चार व्यक्ति सवार थे।
हादसे की सूचना मिलते ही लूणकरणसर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक गणेश बिश्नोई दलबल सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवारजन लूणकरणसर पहुंच गए हैं और दुर्घटना का मामला दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई गुरुवार को होगी।
हादसे की सूचना मिलते ही लूणकरणसर में सामाजिक संस्था टाइगर फोर्स के अध्यक्ष महिपाल और उनकी संगठन के सदस्य राजू कायल और राकेश मूंड़ संस्था की एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य व्यक्तियों के सहयोग से कार में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। उनको तुरंत ही लूणकरणसर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि संदीप और श्रुतिका की सात महीने पहले शादी हुई थी। संदीप श्रीकरनपुर में सरकारी आईटीआई कॉलेज में कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर और श्रुतिका श्रीगंगानगर के नजदीक गांव नेतेवाला के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में अध्यापिका थी। जीवनआशा और सुषमा शारदा सेवानिवृत्त सरकारी अध्यापिकाएं थीं। सुषमा शारदा प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं।



