50 साल 15 साल जैसे लगे, ‘भगवान’ ने मुझे जिंदा रखा : रजनीकांत

गोवा। गोवा में 56वें अंंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के समापन समारोह में भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता रजनीकांत ने लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित होते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह दोबारा बतौर अभिनेता और बतौर रजनीकांत जन्म लेना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि सिनेमा में उनके 50 साल सिर्फ 10 या 15 साल जैसे लगे।

उल्लेखनीय है कि आईएफएफआई के समापन समारोह में रजनीकांत को गोवा में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया, जो फिल्म उद्योग में उनके शानदार करियर के 50 साल पूरे होने का भी अवसर था।

74 वर्षीय सुपरस्टार रजनीकांत जैसे ही सम्मान लेने के लिए सभागार में मंच की ओर बढ़े लोगों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से उनका सम्मान किया। रजनीकांत ने अपने सफर के बारे में बताते हुए इस उपलब्धि को बहुत इमोशनल बताया और कहा कि ऐसा लगा कि सिनेमा में उनके ‘पांच दशक’ कुछ ही सालों में बीत गए।

उन्होंने लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी फिल्म इंडस्ट्री का है। खासकर तमिल लोगों का, जिन्होंने उन्हें ‘भगवान’ बताते हुए उनको संभाला। रजनीकांत ने कहा कि सिनेमा में एक्टिंग के 50 साल मुझे सिर्फ 10 या 15 साल जैसे लगे। अगर मुझे 100 जिंदगी और मिलती है, तो मैं बतौर एक अभिनेता और रजनीकांत जन्म लेना पसंद करूंगा। यह सारा सम्मान फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का है। खासकर उन तमिल भगवानों का जिन्होंने मुझे जिंदा रखा है।

इससे पहले महोत्सव के दौरान उनकी हालिया तमिल भाषा की फिल्म ‘लाल सलाम’ को दिखाया गया। ऐश्वर्या रजनीकांत द्वारा निर्देशित और लाइका प्रोडक्शंस के बैनर तले अल्लिराजा सुभास्करन द्वारा निर्मित इस स्क्रीनिंग में फिल्म निर्माता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर महोत्सव में इसके प्रीमियर पर गर्व जताया।

आईएफएफआई का 56वां एडिशन खत्म हुआ। महोत्सव ने दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं-निर्देशकों, कलाकारों और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को एक मंच उपलब्ध कराया। इस महोत्सव में गुरुदत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, पी. भानुमति, भूपेन हजारिका और सलिल चौधरी जैसे महान फिल्मकारों के सौ साल पूरे होने पर भी सम्मान दिया गया, जिसमें उनके सबसे असरदार कामों की रिस्टोर की गई स्क्रीनिंग भी शामिल थी।