अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल ने विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि आरक्षण रोस्टर को राज्य सरकार की स्वीकृति मिलना सामाजिक न्याय और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एनईपी आधारित अध्यादेशों की तैयारी, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से, तथा लर्न, अर्न एंड परफॉर्म (LEaP)”? योजना जैसे कदम विश्वविद्यालय को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने शोध एवं परीक्षा सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में प्रथम बार लागू की गई शोधचक्र व्यवस्था और स्क्रीन इवैल्युएशन प्रणाली से पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित हुई है। साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों से सहयोग, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लासरूम, एआई आधारित शोध और स्टार्टअप सेंटर जैसी योजनाओं से विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
समारोह के अंत में कुलगुरु ने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिकता और राष्ट्रप्रेम को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया तथा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की प्रगति में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। साथ ही होनहार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रूप में बीकानेर कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बीआर छीपा उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मौजूद रहे।



