पुष्कर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर में जुटेंगे देशभर से संतमहात्मा
अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन नौसर माता मंदिर में राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ के लिए शुक्रवार को महाध्वज चढाया जाएगा साथ ही यज्ञ स्थल का भूमिपूजन किया जाएगा। परिवार में सुख शांति और संपन्नता के लिए तीन दिवसीय यज्ञ 24 अप्रैल से आरंभ होगा।
राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ की तैयारियों के मुख्य चरण के तहत 13 मार्च शुक्रवार सुबह 9 बजे नौसर माता मंदिर परिसर में विधिविधान से महाध्वजा फहराई जाएगी और भूमि पूजन होगा।
नौसर माता मंदिर पीठाधीश्वर श्रीरामा कृष्ण देव ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही मंदिर परिसर में पांडाल और यज्ञशालाओं का निर्माण आरंभ हो जाएगा। आगामी 24 अप्रैल से शुरू होने वाले यज्ञ से पहले 23 अप्रैल शाम चार बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस 21 कुंडीय यज्ञ महोत्सव में 42 युगल दंपती भाग लेंगे। श्री राज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ एक पवित्र अग्नि अनुष्ठान है जो मुख्य रूप से मां लक्ष्मी को समर्पित है। यह यज्ञ धन समृद्धि, सौभाग्य और ऊर्जा की आराध्य मां लक्ष्मी का आह्वान करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।
राज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ उन लोगों के लिए भी विशेष रूप से आवश्यक है जो कर्ज या वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से आर्थिक बाधाएं दूर होंगी और व्यक्ति को ऋण से मुक्ति मिलेगी। यज्ञ की अग्नि और मंत्रों की शक्ति व्यापार से नकारात्मक ऊर्जा, दरिद्रता और दुर्भाग्य को दूर करती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जिससे सुख शांति और सौभाग्य आता है।
यज्ञ के जरिए भक्तगण अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं। पुराणों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि राज राजेश्वरी मां लक्ष्मी समुद्र मंथन के समय प्रकट हुई थीं, उनके आगमन से देवताओं के कष्ट दूर हुए और स्वर्ण में फिर से समृद्धि स्थापित हुई। इसी परंपरा के अनुरूप इस यज्ञ में भाग लेकर भक्त अपने जीवन से कष्टों और दरिद्रता को दूर कर सकते हैं।




