अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादलों के आदेश जारी कर दिए गए।
दिलावर शनिवार को जिले की तुलेड़ा, रायबका, दादर, कलसाड़ा, बिलंदी, छीलोड़ी, बिचगांव और चिमरावली गौड़ ग्राम पंचायतों में पहुंचे थे। जहां-जहां उन्होंने दौरा किया, वहां सड़कों पर गंदगी, जलभराव और सफाई व्यवस्था की गंभीर कमी देखने को मिली। कई स्थानों पर मंत्री का काफिला भी जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरा।
दौरे के दौरान दिलावर ने पिनान में एक कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से गंगा की सौगंध दिलाते हुए पूछा कि गांवों में नियमित सफाई होती है या नहीं। इस पर पंडाल में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि गांवों में सफाई नहीं होती।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपए उपलब्ध कराती है, लेकिन कागजों में ही सफाई अभियान चलाया जा रहा है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिसने भी सरकारी धन का दुरुपयोग किया है, उससे एक-एक पैसा वसूला जाएगा।
दिलावर के दौरे के कुछ ही घंटे बाद उन्हीं ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों के तबादला आदेश जारी हो गए। हालांकि आदेशों में तारीख 10 जुलाई अंकित है, लेकिन मंत्री के दौरे के बाद तबादलों को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। तबादला सूची में शामिल अधिकारियों को कार्य व्यवस्था के तहत बाड़मेर जिले की चौहटन और धोरीमन्ना पंचायत समितियों में लगाया गया है।
दौरे के दौरान दिलावर ने कई सरकारी स्कूलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। मंत्री ने बच्चों से पूछा कि क्या उन्हें हमेशा ऐसा ही भोजन मिलता है या सिर्फ उनके दौरे के कारण व्यवस्था सुधारी गई है। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों की किताबें खुलवाकर उनसे पढ़ाई से जुड़े सवाल भी पूछे और शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया।
दिलावर ने जिले में करीब 24 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कई विद्यालय भवनों का लोकार्पण किया और एक विद्यालय में सरस्वती प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि राज्य में एक अप्रैल से ही नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया, जिससे विद्यार्थियों को पूरे समय पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्र हित है। जितना अधिक समय विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे, उनका भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।



