सबगुरु न्यूज-सिरोही। दो तीन दिन पहले सिरोही के सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो को जावाल का बताया जा रहा था। इसमें एक बुजुर्ग महिला पानी से भरी एक गली में मौजूद अपने घर के दरवाजे पर खडी हुई थी। वो इस वीडियो में ओटाराम देवासी के विधायक बनने के बाद कथित रूप से फेल हुई गवर्नेंस को कोसते हुए आरोप लगा रही थी कि जीतने के बाद ओटाराम देवासी ने ध्यान नहीं दिया।rw इस महिला को सिरोही पंचायत समिति के प्रधान हंसमुख मेघवाल की बुआ बताकर इनके वीडियो को प्रचारित किया जा रहा था। इसी वीडियो को लेकर आज कुछ लोगों ने जिला कलेक्टर के नाम से ज्ञापन देकर इस वीडियो को मिथ्या बताकर मामला दर्ज करने की मांग की। प्रधान हंसमुख मेघवाल की सगी बुआ ने इस मामले में बरलूट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई है।
– प्रधान की बुआ नहीं
जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में इन लोगों ने बताया कि जावाल में जलभराव को लेकर एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा इस महिला को सिरोही के प्रधान हंसमुख मेघवाल की बुआ बताकर प्रचारित किया जा रहा है जबकि वो उनकी बुआ नहीं हैं। इस वीडियो के माध्यम से इस तरह की आफवाह और भ्रम फैलाने को इन लोगों ने गैर कानूनी बताया। ज्ञापन में इस वीडियो के माध्यम से भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और वीडियो को सोशल मीडिया से हटवाने की मांग भी की गई है।
-बाद में फिर हुआ महिला का वीडियो वायरल?
जिन बुजुर्ग महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर ओटाराम देवासी पर जनता की सुध नहीं लेने के आरोप के साथ वायरल हुआ था उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें ये बुजुर्ग महिला ये कह रही हैं कि वो हंसमुख कुमार की बुआ नहीं है। उन्होंने इस वीडियो में बताया कि एक व्यक्ति उनके पास आया। उन्होंने ये वीडियो बनाया। इसमें उन्हें प्रधान की बुआ बताया। उन्होंने कहा कि उनका नाम क्यों खराब किया। उनकी ओटाराम देवासी या किसी से कोई बैर नहीं है।
-कांग्रेस ने हाथों हाथ भुनाया
ओटाराम देवासी के नाम से बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल होने पर सिरोही कांग्रेस को जैसे ऑक्सीजन मिल गई थी। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने पर कांग्रेस सोशल मीडिया सेल ने इसे जमकर भुनाया। इससे भाजपा में ओटाराम देवासी के करीबियों में हडकम्प मच गया। पहले वीडियो के बाद बुजुर्ग महिला का दूसरा वीडियो आने पर भाजपा के व्हाट्सएप समूहों पर फिर से चर्चा का बाजार गर्म हो गया। ओटाराम देवासी समर्थक वीडियो को गलत तरीके से इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाते नजर आए।
– महिला ने वीडियो में नहीं किया था ये दावा
दरअसल पूरा विवाद इस बात को लेकर हुआ हैं कि जिस महिला ने ओटाराम देवासी के कार्यकाल में उनकी सुध नहीं लेने की बात कही थी उन महिला ने अपने वीडियो में कहीं भी ये दावा नहीं किया है कि वो सिरोही प्रधान हंसमुख की बुआ हैं। वेनिस वीडियो में एक सामान्य मतदाता के रूप में ही सामने आई हुई नजर आ रही हैं। ऐसे में उनका अपने जनप्रतिनिधि से शिकायत बंटी है। लेकिन, विवाद इस बात पर हुआ कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को इस कैप्शन के साथ वायरल किया कि ओटाराम देवासी के प्रति नाराजगी दिखाने वाली महिला सिरोही के प्रधान की बुआ हैं। इससे पार्टी और जनता में ये संदेश गया कि ओटाराम देवासी और हंसमुख मेघवाल में भी कुछ अनबन है। इसी गलतफहमी को दूर करने के लिए हंसमुख मेघवाल के परिजनों को ये कदम उठाना पड़ा।
इनका कहना है…
जिन बुरजुर्ग महिला का वीडियो वायरल किया गया है वो मेरी बुआ नहीं हैं। इस वीडियो वाली माताजी को मेरी बुआ बताकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ उनकी सगी बुआ ने प्रकरण दर्ज करवाया है।
हंसमुख मेघवाल
प्रधान, पंचायत समिति, सिरोही।