ग्राहकों को वाहन उद्योग ने दिया भरोसा, ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वारंटी पर असर नहीं

नई दिल्ली। वाहन उद्योग ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि ई20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की वारंटी पर कोई असर नहीं होगा।

देश के वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के कार्यकारी निदेशक प्रशांत के बनर्जी ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वारंटी में किसी प्रकार का बदलाव नहीं आएगा। सभी वारंटी और बीमा का सम्मान किया जाएगा।

सियाम और भारतीय पेट्रोलियम उद्योग महांसघ (फिपी) के साथ भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) के साथ द्वारा आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में तीनों संगठनों के अलावा तेल विपणन कंपनियों और वाहन निर्माता कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इसका उद्देश्य ई20 ईंधन पर आम लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना था।

बनर्जी ने कहा कि वाहनों के मैन्युअल में उस समय के उपलब्ध ईंधनों का जिक्र होता है। इसका मतलब यह नहीं कि किसी पुराने वाहन में ई20 के इस्तेमाल को डीलर या सर्विस सेंटर वारंटी का उल्लंघन करार दे सकता है।

ई20 ईंधन को लेकर सुप्रीमकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से दो दिन पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एआरएआई के निदेशक रेजी मथाई ने कहा कि उनके संगठन ने साल 2010 में वाहनों ई10 और साल 2016 में ई20 ईंधनों के लिए वाहनों पर अध्ययन किए गए थे। इसके बाद साल 2023 में भी एक अध्ययन हुआ। इन अध्ययनों में पता चला कि ई10 ईंधन के लिए विनिर्मित वाहनों में ई20 ईंधन के इस्तेमाल से भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे वाहनों के माइलेज में ई10 की तुलना में 2-6 प्रतिशत की गिरावट आती है।

मंच पर मौजूद सभी वक्ताओं ने कहा कि माइलेज में कमी एक मात्र नुकसान है जबकि ई20 के कई फायदे होते हैं। इससे पर्यावरण को कम नुकसान होता है क्योंकि इथेनॉल शुद्ध रूप से कार्बन निरपेक्ष ईंधन है। साथ ही, कच्चे तेल के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा में उसी हद तक बचत होती है। वहीं, पैसा देश के किसानों को जाता है जिससे उनकी माली हालत अच्छी होती है।

इस मौके पर फिपी के सलाहकार पीएस रवि, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कार्यकारी उपाध्यक्ष विक्रम गुलाटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा के उपाध्यक्ष एस. शक्तिवेलन, हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट उपाध्यक्ष पुनीत आनंद, टाटा मोटर्स के मुख्य उत्पाद अधिकारी मोहन सावरकर, बजाज ऑटो के उपाध्यक्ष मिलिंग पगारे, टीवीएस मोटर कंपनी के एसोसिएट उपाध्यक्ष एम.एस. आनंद कुमार और मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी समिति सदस्य सीवी रमण भी मौजूद थे।

रवि ने बताया कि पेट्रोल में ईथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात में 245 लाख टन की बचत हुई है, 1.40 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची है और फीडस्टॉक की खरीद के लिए साल 2025 में अबतक किसानों को 40,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

बनर्जी ने कहा कि ई20 ईंधन वर्तमान में देश की सड़कों पर चल रहे किसी भी वाहन के लिए सुरक्षित है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने आश्वासन दिया कि एआईएआई द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के निष्कर्षों का सार जल्द ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।