कोटा में यूआईटी के 13 वर्ष पुराने मामले में सेवानिवृत्त लिपिक अरेस्ट

कोटा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा इकाई ने शुक्रवार को 13 वर्ष पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक सेवा निवृत्त सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत ने बताया कि आरोपी की पहचान तलवंडी कोटा निवासी 72 वर्षीय ताराचंद सिंघल के रूप में हुई है। वह पूर्व में नगर विकास न्यास (अब कोटा विकास प्राधिकरण) में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में एसीबी ने तलवंडी क्षेत्र में छापेमारी की थी। जांच में पता चला था कि ताराचंद सिंघल नगर विकास न्यास की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की मूल फाइलें अपने घर पर रखता था और इन फाइलों के जरिए लाखों रुपए की अवैध कमाई कर चुका था। उसका वेतन के अलावा कोई अन्य आय का स्रोत नहीं था, फिर भी उसके पास भारी-भरकम संपत्ति पाई गई।

उन्होंने बताया कि लंबी जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि आरोपी के पास अपनी ज्ञात आय स्रोतों से 65 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। लंबे समय तक चालान पेश नहीं होने के कारण मामला लंबित था। आरोपी 2013 में सेवानिवृत्त हो चुका था।

शुक्रवार को कोटा विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव कुशल कुमार कोठारी से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने के बाद एसीबी के दल ने ताराचंद सिंघल को गिरफ्तार कर लिया। उसे विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय कोटा में पेश किया गया, जहां से उसे 11 दिसम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके साथ ही शुक्रवार को ही आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय, कोटा में सहायक अभियोजन निदेशक जय गौतम के जरिए चालान पेश किया।