नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नया आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। तीन अक्टूबर को दर्ज की गई एक एफआईआर में छह अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। उन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।
मुकदमे के विवरण के अनुसार गांधी परिवार ने अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली कंपनी यंग इंडियन के जरिए एजेएल का अधिग्रहण कराया। एजेएल कांग्रेस से जुड़ी कंपनी है और इसकी अनुमानित संपत्ति 2,000 करोड़ रुपए है।
पुलिस की यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच इकाई की शिकायत पर हुई है। ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में काफी समय से जारी धन शोधन जांच के निष्कर्ष दिल्ली पुलिस को सौंपे थे। ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) का इस्तेमाल किया जिसके तहत वह किसी अन्य एजेंसी को अनुसूचित अपराध की जांच करने का निर्देश दे सकता है। यही अपराध बाद में ईडी के धन शोधन मामले का आधार बन सकता है।
एफआईआर में गांधी परिवार के अलावा सैम पित्रोदा (भारतीय विदेशी कांग्रेस के अध्यक्ष), तीन कंपनियां-एजेएल, यंग इंडियन और कोलकाता की डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल हैं। डॉटेक्स को एक शेल कंपनी बताया गया है, जिसने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपए दिए थे। यह धनराशि बाद में कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपए देकर अधिक संपत्ति वाली एजेएल को हासिल करने में इस्तेमाल की गई।
जांच के तहत पुलिस एजेएल के शेयरधारकों से पूछताछ करेगी कि क्या कंपनी को यंग इंडियन (गांधी परिवार की कंपनी) के स्वामित्व में करने से पहले उनकी सहमति ली गई थी या नहीं। यह नई एफआईआर इस मामले में एक और कानूनी मामला जोड़ती है जो सबसे पहले भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुई थी। इसी मामले में ईडी ने अप्रैल महीने में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी।



