जोधपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र को अग्रणी बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
शाह शनिवार को जोधपुर के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में देश को आगे बढ़ाया है और निर्यात दोगुना हुआ है।
मैन्यूफेक्चरिंग में 70 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है और देश डिजिटल ट्रांजैक्शन में अग्रणी बना है। मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग में दुनिया में द्वितीय स्थान पर हैं और स्टार्टअप, दवाइयों एवं ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में विश्व में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग, देश की उत्पादन क्षमता में वृद्धि और स्वभाषा के उपयोग की सबसे बड़ी भूमिका है। भाषा ही समाज, धर्म और संस्कृति को जीवंत रखती है। इसलिए सभी अपने परिवार और परिचितों से स्वभाषा में संवाद करें, जिससे नयी पीढ़ी हमारे गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सके।
शाह ने कहा कि समाज की आत्मनिर्भरता और सामाजिक आयोजनों से देश मजबूत बनता है। सामाजिक संगठनों की शक्ति समाज एवं देश के लिए उपयोगी होती है। माहेश्वरी समाज ने सेवा के संकल्प को चरितार्थ किया है। यह समाज अपने मूल से जुड़े रहते हुए राष्ट्र की आवश्यकताओं में सहयोग के भाव से सदैव आगे रहता है।
उन्होंने कहा कि हमारे समाजों ने कभी देश को विघटित नहीं किया। यह संकुचितता का द्योतक नहीं बल्कि संगठन का द्योतक है। संगठन से उत्पन्न होने वाली शक्ति न केवल समाज बल्कि पूरे देश के लिए भी अत्यंत उपयेागी सिद्ध होती हैं।
उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज ने देश की आत्मनिर्भरता, विकास और उद्योग क्षेत्र में अपना अहम योगदान दिया है। मैन्यूफेक्चरिंग, ट्रेडिंग और तकनीक के क्षेत्र में भी प्रगतिशील समाज का परिचय दिया है। माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो के माध्यम से देश को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 550 वर्षों के बाद रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके है। निर्माण पूरा हो गया, प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है और ऊपर भगवा लहरा रहा है। राम मंदिर आंदोलन में सबसे पहली आहुति देने वाले दोनों भाई माहेश्वरी समाज से थे। उन्होंने कहा कि इस देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में भी माहेश्वरी समाज का बलिदान और योगदान बहुत बड़ा रहा है। उन्होंने माहेश्वरी समाज के युवाओं का आह्वान किया वे देश को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दे। शाह ने महाधिवेशन में माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट भी जारी किया।



