कांग्रेस अशांत क्षेत्र को लेकर आने वाले विधेयक का करेगी पुरजोर विरोध : डोटासरा

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जयपुर। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार द्वारा बुधवार को मंजूरी दिए गए राजस्थान अशांत क्षेत्रों में अचल संपत्ति हस्तांतरण निषेध एवं किरायेदार संरक्षण विधेयक-2026 के प्रारुप को भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक एजेंडा करार देते हुए कहा है कि यह गुजरात मॉडल को यहां थोपने का प्रयास है, जिसका कांग्रेस सड़क और विधानसभा में विरोध करेगी।

डोटासरा ने इस विधेयक के प्रारुप को मंजूरी दिए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी गई है, जो भाजपा के राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए है। इस विधेयक की भाषा ही संवैधानिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक गुजरात मॉडल के रूप में लाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दंगा रोकना नहीं बल्कि राजस्थान जैसे शांत प्रदेश को अशांत करने की एक साजिश है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है और सरकारी गुंडागर्दी को वैधानिक जामा पहनाने की एक कोशिश है। पहले सरकार किसी क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित करेगी, फिर शहर को करेंगे, उसके बाद पूरे प्रदेश को अशांत बनाएंगे, जबकि शांति बहाली के लिए पहले से ही कानून है। अधिकारी राज लाकर भाजपा की प्रदेश सरकार लोकतंत्र पर प्रहार कर रही है।

डोटासरा ने कहा कि इस प्रकार का विधेयक पूर्ण रूप से संविधान का उल्लंघन है, संविधान के अनुच्छेद 300ए में हर व्यक्ति को अपनी संपत्ति पर अधिकार है, उसे वंचित करने का यह षड़यंत्र है, संविधान में अनुच्छेद 14 में सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्राप्त है, यह बिल उसका भी उल्लंघन करता है।

उन्होंने कहा कि अशांत क्षेत्र किस आधार पर घोषित होगा, इसका कोई उल्लेख नहीं है, गुजरात की तरह यहां भी डर का माहौल बनाकर भाजपा सत्ता में बने रहना चाहती है। लोग मूलभूत अधिकारों और सरकार की नाकामियों पर चर्चा ना करें, उससे ध्यान भटकाने के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने इसे शांत प्रदेश को अशांत करने का असफल प्रयास बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले में पुरजोर विरोध करेगी और वह इसे लेकर सड़क और सदन दोनों जगह लड़ेगी।