रामकथा जीवन जीने की पाठशाला : भजनलाल शर्मा

1

कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामकथा को जीवन जीने की पाठशाला बताया है और कहा है कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रामराज्य की संकल्पना को साकार कर सकेंगे।

शर्मा शनिवार को कोटा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित रामकथा एवं गौ महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि रामकथा केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की पाठशाला है। यह हमें बेटे के धर्म, भाई के प्रेम, पति के समर्पण और राजा के कर्तव्य से अवगत कराती है।

मुख्यमत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नदियों, पहाड़ों, वृक्षों और गौ माता को पूजने की परम्परा है। उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें दिव्य रामकथा का श्रवण करने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने अपनी सरल और प्रभावशाली वाणी से करोड़ों लोगों के जीवन में धर्म का दीपक जलाकर सनातन धर्म को सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचाने का अद्भुत कार्य किया है। शास्त्री की वाणी में वह सहजता है जो आम आदमी को छू जाती है और वह युवा पीढ़ी को सनातन धर्म की महानता से परिचित करवा रहे हैं।

इस दौरान पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने दुपट्टा ओढ़ाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर, विधायक कल्पना देवी सहित संत-महंत एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।