तेहरान/वाशिंगटन। ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्त होने के लगभग 48 घंटे बाद भी मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। न तो उनका कोई वीडियो संदेश जारी हुआ है और न ही उनके कार्यालय से कोई लिखित आधिकारिक बयान सामने आया है। तेहरान की सड़कों पर उनके समर्थकों की भीड़ जुटी है, लेकिन उनके नए नेता की गैरमौजूदगी ने कई कयासों को जन्म दे दिया है।
ईरानी सरकारी मीडिया वर्तमान में मोजतबा का परिचय देने के लिए पुराने फुटेज और एआई से निर्मित वीडियो एवं तस्वीरों का सहारा ले रहा है। तेहरान के वली असर चौक पर एक विशाल चित्र लगाया गया है, जिसमें श्री मोजतबा को अपने दिवंगत पिता अली खामेनेई से ईरानी झंडा लेते हुए दिखाया गया है और पृष्ठभूमि में ईरान में इस्लामी क्रांति के संस्थापक अयातुल्ला खुमैनी को दिखाया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह एक वंशानुगत राजशाही के खिलाफ उपजी क्रांति वाले देश में पिता-से-पुत्र के उत्तराधिकार को सही ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है।
मोजतबा खामेनेई का इस तरह से गायब रहने की एक बड़ी वजह उनका घायल होने हो सकता है। इस तरह की कई खबरें भी मीडिया में आई हैं। इनमें कहा गया था कि वे हुए हवाई हमलों में जख्मी हुए हैं। यह स्पष्ट नहीं हो सकता है कि अगर वे जख्मी भी हैं, तो उनकी ओर से कोई लिखित संदेश क्यों जारी नहीं किया गया।
दूसरी ओर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा की नियुक्ति पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वह शांति से रह पाएंगे। ट्रंप ने दोहराया कि वे इस चुनाव से निराश हैं क्योंकि यह ईरान के लिए पुरानी समस्याओं को ही दोहराने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं।
गौरतलब है कि दिवंगत नेता अली खामेनेई के दूसरे बेटे को उनकी मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में एक 88 सदस्यों वाली एक परिषद ने चुना था।



