पटना। पटना की एक विशेष अदालत ने अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म के जुर्म में आज उसके रिश्ते के मामा को पच्चीस साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना भी किया।
दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश दिनकर कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित बंशीपुर गांव निवासी नीरज कुमार साह को भारतीय दंड विधान के तहत दुष्कर्म और बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत गुरुत्तर लैंगिक हमले का दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है।
जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता को तीन लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है।
मामले के विशेष अभियोजक नवल किशोर प्रसाद ने बताया कि दोषी ने वर्ष 2023 में पीड़िता को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। दोषी पीड़िता का रिश्ते में मामा लगता था। मामले की प्राथमिकी पटना के रूपसपुर थाने में दर्ज की गई थी। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में नौ गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था।



